
जम्मू-कश्मीर में सर्दियों की दस्तक और भारी बर्फबारी से ठीक पहले सीमा पार से आतंकियों को भारतीय सीमा में धकेलने की नापाक साजिशों का सिलसिला तेज हो गया है। हालांकि, नियंत्रण रेखा (LoC) पर मुस्तैद सुरक्षाबलों ने एक बार फिर दुश्मन के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में शनिवार (17 अक्टूबर) तड़के सतर्क जवानों ने आतंकियों की घुसपैठ की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया। इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की आशंका को देखते हुए सेना और सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान (CASO) शुरू कर दिया है, जहां रुक-रुक कर गोलीबारी की आवाजें भी सुनी गई हैं।
केरन के जुमगुंड इलाके में दिखी थी हलचल, जवानों ने ललकारा तो शुरू हुई फायरिंग
रक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, शनिवार तड़के कुपवाड़ा के केरन सेक्टर अंतर्गत जुमगुंड अग्रिम इलाके में नियंत्रण रेखा पर तैनात भारतीय सेना के जवानों ने घने जंगलों के बीच संदिग्ध गतिविधि देखी। सीमा पार से कुछ हथियारबंद घुसपैठिए भारतीय सीमा में दाखिल होने का प्रयास कर रहे थे। जवानों ने जब उन्हें तुरंत आत्मसमर्पण के लिए ललकारा, तो घुसपैठियों ने सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। भारतीय जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। कुछ देर तक चली भीषण मुठभेड़ के बाद आतंकी घने जंगलों की आड़ लेकर पीछे हटने पर मजबूर हो गए। सुरक्षाबलों ने अतिरिक्त कुमक बुलाकर पूरे इलाके को सील कर दिया है और चप्पे-चप्पे पर कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
लोलाब और करनाह में भी चले संयुक्त अभियान, हथियारों का जखीरा बरामद
केरन सेक्टर में हुई यह मुठभेड़ उस वक्त सामने आई है जब हाल ही में कुपवाड़ा के अन्य संवेदनशील इलाकों में बड़े स्तर पर कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन चलाए गए थे। सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के संयुक्त अभियानों के तहत लोलाब और करनाह सेक्टरों में आतंकियों के गुप्त ठिकानों का भंडाफोड़ किया गया था, जहां से भारी मात्रा में विदेशी हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी।
बर्फबारी से पहले घाटी को दहलाने की फिराक में आतंकी, PoK लॉन्चपैड पर 500 दहशतगर्द मौजूद
खुफिया एजेंसियों के ताजा इनपुट के अनुसार, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी और आतंकी संगठन सर्दियों में बर्फबारी से पहले ज्यादा से ज्यादा आतंकियों को भारतीय सीमा में दाखिल कराने की फिराक में हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के नियंत्रण रेखा के करीब स्थित लॉन्चपैडों पर करीब 500 प्रशिक्षित आतंकी मौजूद हैं, जो घुसपैठ के सही मौके की तलाश में हैं। सर्दियों के मौसम में ऊंचाई वाले पहाड़ी दर्रे और पारंपरिक रास्ते भारी बर्फबारी के कारण बंद हो जाते हैं, जिससे घुसपैठ लगभग नामुमकिन हो जाती है। यही कारण है कि आतंकी आका मौसम बदलने से ठीक पहले घुसपैठ कराने की हताशा भरी कोशिशें कर रहे हैं।
LoC और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हाई अलर्ट, BSF ने बढ़ाई गश्त
खुफिया चेतावनी के बाद नियंत्रण रेखा से लेकर अंतरराष्ट्रीय सीमा तक सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। सीमा पर ‘फर्स्ट लाइन ऑफ डिफेंस’ के तौर पर तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) और थल सेना को घुसपैठ रोधी ग्रिड (एंटी-इनफिल्ट्रेशन ग्रिड) को और अधिक मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। आधुनिक निगरानी उपकरणों, थर्मल इमेजरों और ड्रोन कैमरों के जरिए सीमावर्ती घने जंगलों और नालों पर पैनी नजर रखी जा रही है, ताकि परिंदा भी पर न मार सके।
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