
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को राजधानी लखनऊ में विपक्षी दलों पर जोरदार सियासी प्रहार किया। समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन व चुनावी रणनीतियों पर निशाना साधते हुए डिप्टी सीएम ने दो टूक कहा कि ये दल चाहे एकजुट होकर चुनाव लड़ें या अलग-अलग राह चुनें, वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। इसके साथ ही उन्होंने राज्यसभा चुनाव के सियासी समीकरणों को लेकर भी विपक्षी खेमे को खुली चुनौती दी।
राज्यसभा चुनाव में 9वें प्रत्याशी का दांव, सपा को सीधी चेतावनी राज्यसभा चुनाव की तैयारियों पर स्थिति स्पष्ट करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा हर मोर्चे पर मुस्तैद है। उत्तर प्रदेश में भाजपा के आठ प्रत्याशी आसानी से मैदान में उतर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि समाजवादी पार्टी ने अपने तीसरे प्रत्याशी को मैदान में उतारने का जोखिम उठाया, तो भाजपा भी पीछे नहीं हटेगी और अपना नौवां उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारकर मुकाबला दिलचस्प बना देगी।
चुनाव आयोग पर सवाल उठाने पर घेरा, याद दिलाए पुराने चुनावी नतीजे विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग और मतदान प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों पर डिप्टी सीएम ने तीखा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी राजनीतिक सुविधा के मुताबिक दृष्टिकोण बदलता रहता है। जब इन दलों को जीत मिलती है तो पूरी चुनाव व्यवस्था निष्पक्ष नजर आती है, लेकिन जैसे ही भाजपा या एनडीए विजय हासिल करता है, इन्हें उसी व्यवस्था में खोट नजर आने लगता है। चुनाव परिणामों को अपनी सुविधा अनुसार परिभाषित करना पूरी तरह गलत है।
विपक्ष के दोहरे रवैये को आईना दिखाते हुए उन्होंने ऐतिहासिक जनादेशों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004 और 2009 में केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व में सरकार बनी थी और वर्ष 2012 में यूपी के भीतर सपा ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई। इसके बाद 2014 के लोकसभा चुनाव में जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे, तब प्रदेश की जनता ने भाजपा गठबंधन को 80 में से 73 सीटें सौंपीं। वहीं 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन ने प्रचंड 325 सीटें हासिल कीं, जबकि सपा महज 47 सीटों पर सिमट गई।
‘मीठा-मीठा गप-गप, कड़वा-कड़वा थू-थू’ की राजनीति बंद करे विपक्ष विपक्ष के बयानों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों का दोहरा चरित्र “मीठा-मीठा गप-गप और तीखा-तीखा थू-थू” जैसा है। जीत का सेहरा खुद बांधना और हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ना इनकी पुरानी आदत बन चुकी है।
‘राम-कृष्ण-विश्वनाथ तीनों देव हमारे साथ’ का संकल्प दोहराया अपने वैचारिक आंदोलन के दिनों को याद करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वे लंबे समय से “राम, कृष्ण, विश्वनाथ तीनों देव हमारे साथ” के नारे और संकल्प से जुड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि अयोध्या धाम में भव्य श्रीरामलला मंदिर का निर्माण हो चुका है, जबकि भगवान श्रीकृष्ण जन्मभूमि और भगवान विश्वनाथ से जुड़े विषय अभी शेष हैं और आस्था के इन केंद्रों का सम्मान सर्वोपरि है। तेलंगाना और अन्य राज्यों में कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों का भाजपा पर कोई असर नहीं पड़ता, पार्टी संगठन सेवा और विस्तार के संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है।
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