
देश भर में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की विदाई की पृष्ठभूमि तैयार होने लगी है, लेकिन वापसी से ठीक पहले मौसम का मिजाज एक बार फिर करवट ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में मौसमी गतिविधियों में तेजी आएगी। 19 सितंबर को उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज गति से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है। हालांकि, देश की राजधानी दिल्ली में मॉनसून की सक्रियता लगभग थम चुकी है।
दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा तापमान और मौसम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में फिलहाल भारी बारिश की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन उमस और शुष्क मौसम का असर देखने को मिलेगा। दिल्ली में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किए जाने का अनुमान है। अगले दिन भी शहर में हल्के बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, जिसके बाद 21 से 24 सितंबर के बीच आसमान पूरी तरह साफ रहने और धूप खिलने के आसार हैं।
यूपी में येलो अलर्ट, बिहार और झारखंड में भी आंधी का साया
उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से में मॉनसूनी गतिविधियां अभी भी सक्रिय बनी हुई हैं। मौसम विभाग ने राज्य के कई जनपदों में तेज बारिश, आकाशीय बिजली और अंधड़ को लेकर येलो अलर्ट घोषित किया है। इसमें प्रमुख रूप से प्रयागराज, कानपुर, गोरखपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा), अलीगढ़, हापुड़, महामाया नगर (हाथरस), मुरादाबाद, संभल, बुलंदशहर, एटा, मथुरा, आगरा, इटावा, सीतापुर, औरैया, बिजनौर, मैनपुरी, हरदोई और झांसी जैसे जिले शामिल हैं। वहीं बिहार के अधिकांश हिस्सों में तेज आंधी और बारिश का दौर चलेगा, जबकि पड़ोसी राज्य झारखंड के आठ जिलों में भारी मेघगर्जन और तूफानी हवाओं के साथ बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
मध्य और पश्चिमी भारत में कब तक बरसेगी फुहारें
मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी राजस्थान में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम दर्जे की बौछारें पड़ने के आसार हैं। दूसरी ओर पूर्वी राजस्थान में 22 सितंबर तक बारिश का दौर बना रह सकता है। मध्य भारत में पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में आज बारिश होने का अनुमान है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 24 सितंबर तक व्यापक पैमाने पर मानसूनी हलचल जारी रहेगी। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में 22 से 24 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। गुजरात के भी कई इलाकों में आज मेघ बरसने के संकेत हैं।
पूर्वोत्तर, दक्षिण और पहाड़ी राज्यों में भी चेतावनी जारी
पूर्वोत्तर भारत में उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 23 सितंबर तक रुक-रुक कर वर्षा होती रहेगी, जबकि नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान भारी बारिश की आशंका जताई गई है। दक्षिण भारत की स्थिति देखें तो तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल, माहे, लक्षद्वीप, उत्तर व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 24 सितंबर तक अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में भी सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। उत्तराखंड के नैनीताल, देहरादून, चमोली, पिथौरागढ़, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में गरज-चमक के साथ आंधी-बारिश का अलर्ट है, जबकि हिमाचल प्रदेश के सात जिलों और जम्मू-कश्मीर के कई संवेदनशील इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी है।
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