
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में नवविवाहिता मानसी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के सात दिन बीत जाने के बाद भी किसी भी नामजद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिसिया कार्रवाई की सुस्त चाल को लेकर मृतका के मायके वालों का गुस्सा फूट पड़ा है। न्याय की आस में मायके पक्ष के लोगों ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) और सीओ सिटी के कार्यालय पहुंचकर शिकायती पत्र सौंपा और सभी नामजद आरोपियों को अविलंब गिरफ्तार करने की गुहार लगाई है।
शादी के महज छह महीने बाद कमरे में फंदे से लटका मिला शव शारदानगर थाना क्षेत्र अंतर्गत सिंचाई विभाग कॉलोनी निवासी अयोध्या प्रसाद के बेटे सुधीर का विवाह इसी वर्ष मार्च में फूलबेहड़ थाना क्षेत्र के अशोगापुर गांव निवासी सुरेश कुमार की बेटी मानसी के साथ हुआ था। सुधीर उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत है और वर्तमान में उसकी तैनाती गोंडा जिले में है। शादी के मुश्किल से छह महीने ही बीते थे कि बीते नौ सितंबर की सुबह मानसी का शव उसके कमरे में संदिग्ध हालात में फंदे से लटकता मिला। सूचना मिलते ही शारदानगर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था।
दहेज हत्या का मुकदमा, पति-ससुर समेत 7 पर संगीन आरोप घटना के तुरंत बाद मायके पक्ष ने ससुरालियों पर दहेज प्रताड़ना और हत्या के बेहद गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का आरोप है कि अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने के चलते मानसी की गला दबाकर हत्या की गई और मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटका दिया गया। वहीं ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या करार देता रहा। मृतका के पिता सुरेश कुमार की तहरीर पर पुलिस ने कांस्टेबल पति सुधीर, ससुर अयोध्या प्रसाद, सास मधुराना, ननद तनु, मनु, आरती और देवर पुनीत सहित कुल सात लोगों के खिलाफ दहेज हत्या से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
आरोपियों के खुलेआम घूमने का आरोप, खाकी के रसूख पर उठे सवाल मुकदमा दर्ज होने के एक हफ्ते बाद भी पुलिस द्वारा किसी भी आरोपी को हिरासत में न लिए जाने पर परिजनों ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। एसपी और सीओ सिटी को दिए गए प्रार्थना पत्र में पिता सुरेश कुमार ने आरोप लगाया कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और रिश्तेदारों के जरिए समझौते का अनुचित दबाव बना रहे हैं। परिजनों ने आशंका जताई कि मुख्य आरोपी सुधीर के पुलिस विभाग में सिपाही होने के कारण उसके रसूख के चलते स्थानीय पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करने से कतरा रही है। परिजनों ने आलाधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराकर सभी नामजदों को तत्काल जेल भेजने की मांग की है।
पुलिस का रुख: उच्चाधिकारियों के निर्देशन में जारी है जांच परिजनों के आरोपों के बीच शारदानगर थाना प्रभारी बृजमोहन सैनी ने बताया कि पूरे प्रकरण की विवेचना उच्चाधिकारियों के संज्ञान और दिशा-निर्देशन में गहनता से की जा रही है। फॉरेंसिक साक्ष्यों, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और गवाहों के बयानों का संकलन किया जा रहा है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधि सम्मत और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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