
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के हंडिया कस्बे में मंगलवार शाम बेखौफ बदमाशों ने समाजवादी पार्टी के गंगापार जिला सचिव और पूर्व ग्राम प्रधान पवन कुमार यादव (50) की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात हंडिया थाने से महज 500 मीटर की दूरी पर कर्मनाशा मोहल्ले में हुई, जिसने इलाके की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि हत्यारों ने वारदात से पहले पवन की पूरी रेकी की थी और कैफे से उनके बाहर निकलते ही किसी मुखबिर ने शूटरों तक सटीक लोकेशन पहुंचाई, जिसके बाद बेहद करीब से गोली मारकर हत्या कर दी गई।
कैफे से बाहर आते ही प्वाइंट ब्लैंक रेंज से दागी गोली
मुगरांव गांव निवासी और पूर्व प्रधान पवन यादव मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे अपनी कार से हंडिया कस्बे पहुंचे थे। कर्मनाशा मोहल्ले में कार खड़ी करने के बाद वे पास ही स्थित एक कैफे में अपने परिचितों और दोस्तों से मिलने चले गए। करीब दो घंटे बातचीत करने के बाद शाम करीब 5:20 बजे जब वह बाहर निकले और अपनी कार में बैठने लगे, तभी प्रयागराज की ओर से एक बाइक पर सवार तीन नकाबपोश बदमाश पहुंचे। कार के पास बाइक धीमी करते ही पीछे बैठे शूटर ने बेहद करीब से पवन की पीठ पर गोली दाग दी। संभलने का मौका न मिलने के कारण पवन लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े, जबकि हमलावर वाराणसी की ओर तेजी से भाग निकले।
‘कोई तो अस्पताल ले चलो’… तड़पते रहे सपा नेता
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गोली लगने के बाद गंभीर रूप से घायल पवन यादव काफी देर तक सड़क पर पड़े मदद की गुहार लगाते रहे। वे बार-बार लोगों से कह रहे थे, “कोई तो अस्पताल ले चलो।” अचानक हुई फायरिंग और खून से लथपथ सपा नेता की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए। आनन-फानन में उन्हें पहले हंडिया के निजी अस्पताल और फिर स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सीडीआर और कैफे में मौजूद दोस्तों से पूछताछ
हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस तकनीकी साक्ष्यों पर जोर दे रही है। पुलिस ने पवन यादव के मोबाइल फोन का पिछले एक महीने का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) खंगालना शुरू कर दिया है, ताकि यह साफ हो सके कि हाल के दिनों में वे किन लोगों से बातचीत कर रहे थे या किसी से उनका कोई विवाद चल रहा था। इसके साथ ही कैफे में मौजूद दोस्तों से भी विस्तृत पूछताछ की जा रही है कि वहां कौन-कौन आया था और पवन के जाने की खबर किसे थी। पुलिस को पूरा अंदेशा है कि कैफे से बाहर आने की पल-पल की जानकारी शूटरों से साझा की जा रही थी।
एफआईआर दर्ज, गांव का प्रधान हिरासत में
पवन के बड़े भाई अशोक यादव की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस ने संदेह के आधार पर मुगरांव गांव के मौजूदा प्रधान को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। डीसीपी कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और कई संदिग्धों से पूछताछ जारी है। पुलिस का दावा है कि शूटरों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही इस हत्याकांड का खुलासा कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
सपा का फूटा गुस्सा: आंदोलन की चेतावनी और मुआवजे की मांग
थाने के इतने करीब हुई इस दुस्साहसिक वारदात के बाद समाजवादी पार्टी में भारी आक्रोश है। सपा एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव ने कानून-व्यवस्था पर प्रहार करते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले पूरी तरह बुलंद हैं और पुलिस की सक्रियता शून्य नजर आ रही है। जिलाध्यक्ष अनिल कुमार यादव ने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे में हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो पार्टी बड़े पैमाने पर सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। वहीं सपा प्रवक्ता पूजा मिश्रा और महिला सभा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. निधि यादव ने पुलिसिया कार्यशैली पर सवाल खड़े किए, जबकि सपा नेता दान बहादुर मधुर ने पीड़ित परिवार के लिए सरकार से 50 लाख रुपये के आर्थिक मुआवजे की मांग की है।
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