Saturday , 12 September 2026

नरेंद्र मोदी के 25 साल के बेमिसाल शासन पर यूपी में महाअभियान: 17 सितंबर से सेवा संकल्प अभियान का शंखनाद करेंगे सीएम योगी, जानिए बड़नगर से काशी तक का पूरा मेगा प्लान

लखनऊ ब्यूरो।   उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा और शासन प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर एक विशाल प्रदेशव्यापी कार्ययोजना का ऐलान किया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास न कोई वंश परंपरा की छत्रछाया थी और न ही उन्हें विरासत में कोई सत्ता मिली थी। उन्होंने अपने कठोर तप, साधना, निरंतर संघर्ष और राष्ट्र निर्माण की अटूट इच्छाशक्ति से यह मुकाम हासिल किया है। आज उसी तपस्या और समर्पण का सुपरिणाम पूरे देश को एक सशक्त व योग्य नेतृत्व के रूप में मिल रहा है। आगामी सात अक्तूबर को गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के सुशासन के सफल 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस ऐतिहासिक यात्रा के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार और भाजपा संगठन संयुक्त रूप से 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक पूरे प्रदेश में भव्य ‘सेवा संकल्प अभियान’ संचालित करेंगे।

प्रदेशभर में जलेगा ‘आशीर्वाद का दीया’, अस्पतालों में फल वितरण व रक्तदान शिविर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभियान की रूपरेखा सामने रखते हुए बताया कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री के जन्मदिवस को पूरे प्रदेश में ‘सेवा दिवस’ के रूप में अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस विशेष दिन राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत, नगर निकाय और प्रमुख प्रतिष्ठानों में जनता द्वारा ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रज्वलित किया जाएगा। इस दीये के माध्यम से उत्तर प्रदेश की जनता प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन की मंगल कामना करेगी। इसके अतिरिक्त प्रदेशभर के अस्पतालों में मरीजों को फल वितरित किए जाएंगे और विशाल रक्तदान शिविरों का आयोजन होगा, जिसमें भाजपा और भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता सक्रिय रूप से अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे।

बड़नगर से काशी तक 20 विशेष यात्राएं, पवित्र नदियों के जल का होगा आदान-प्रदान

प्रधानमंत्री की जीवन यात्रा को नमन करते हुए इस अभियान को उनकी जन्मभूमि बड़नगर से उनकी कर्मभूमि व संसदीय क्षेत्र काशी तक विशेष रूप से जोड़ा गया है। सीएम योगी ने बताया कि बड़नगर से काशी के लिए 10 यात्राएं और काशी से बड़नगर के लिए 10 यात्राएं निकाली जाएंगी। बड़नगर का पावन जल लेकर यात्राएं काशी पहुंचेंगी, जबकि उत्तर प्रदेश की 10 प्रमुख नदियों का पवित्र जल लेकर यात्राएं बड़नगर के लिए रवाना होंगी। ये सभी 20 यात्राएं 17 सितंबर से प्रारंभ होकर सात अक्तूबर को अपने गंतव्य पर पहुंचेंगी। इस यात्रा मार्ग के दौरान प्रतिदिन चार अलग-अलग स्थानों पर चौपाल और जनसंवाद के विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे जन-जन को सुशासन की इस यात्रा से जोड़ा जा सके।

‘सेवा सेतु’ शिविरों से वंचितों को मिलेगा सीधा हक, मौके पर ही बनेंगे कार्ड

सरकारी योजनाओं की पहुंच अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में विशेष ‘सेवा सेतु’ शिविर लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 29-30 सितंबर से 10 अक्तूबर के बीच राज्य के सभी 826 विकासखंडों और 762 नगर निकायों व जिला मुख्यालयों पर छह से सात दिनों के लिए सघन शिविर आयोजित होंगे। इन शिविरों में स्वास्थ्य, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, शौचालय, राशन कार्ड सहित केंद्र व प्रदेश सरकार की सभी प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं के लिए छूटे हुए पात्र लाभार्थियों का तत्काल पंजीकरण कराया जाएगा। पंजीकरण के बाद मात्र दो से तीन दिन के अंदर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर संबंधित कार्ड अथवा योजना का लाभ सीधे लाभार्थी को उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कड़े निर्देश दिए कि कोई भी जरूरतमंद केवल आवेदन देकर वापस न लौटे, बल्कि शिविर के दौरान ही उसे योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर इस अभियान को दो चरणों में भी चलाया जाएगा।

स्कूली बच्चों और युवाओं के लिए तीन स्तरीय प्रतियोगिताएं

नई पीढ़ी को विकसित भारत के संकल्प से जोड़ने के लिए अभियान के दौरान तीन अलग-अलग स्तरों पर प्रतियोगिताओं की श्रृंखला आयोजित होगी। कक्षा पांच से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए चित्रकला, नौवीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए निबंध लेखन और महाविद्यालयों व विश्वविद्यालयों के युवाओं के लिए भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इन सभी प्रतियोगिताओं का मुख्य विषय ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए आत्मनिर्भर और विकसित उत्तर प्रदेश’ निर्धारित किया गया है। ग्राम, विकासखंड और जिला स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे, जबकि सात अक्तूबर को राजधानी में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय समारोह में सीएम योगी आदित्यनाथ स्वयं उपस्थित रहकर मेधावियों को पुरस्कृत व सम्मानित करेंगे।

मलिन बस्तियों से देवालयों तक चलेगा ‘सेवा मेरा योगदान’ स्वच्छता अभियान

मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्तूबर के मध्य ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम व्यापक पैमाने पर चलाया जाएगा। इसके तहत मलिन बस्तियों, प्रमुख नदी घाटों, देवालयों, धार्मिक स्थलों और महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता व श्रमदान के कार्यक्रम होंगे। इस अभियान में सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और आम नागरिक कंधे से कंधा मिलाकर श्रमदान करेंगे। इसके साथ ही ‘एक पेड़ मां के नाम’ पौधारोपण, निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर, मतदाता जागरूकता, वोकल फॉर लोकल को प्रोत्साहन, गोसेवा और युवाओं के लिए करियर काउंसलिंग के सत्र भी आयोजित होंगे, जो स्वच्छ भारत अभियान के संकल्प को और अधिक गति प्रदान करेंगे।

तकनीकी युवाओं और स्टार्टअप्स के लिए ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’

प्रदेश के युवाओं की नवाचार क्षमता को मंच देने के लिए आईटीआई, पॉलिटेक्निक, तकनीकी संस्थानों, विश्वविद्यालयों और युवा उद्यमियों को जोड़कर ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ का आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान आंकड़े साझा करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में मात्र 120 स्टार्टअप संचालित थे, जिनकी संख्या आज बढ़कर 24 हजार के पार पहुंच चुकी है। इस इनोवेशन चैलेंज में अटल टिंकरिंग लैब, इनक्यूबेटर सेंटर सहित ड्रोन तकनीक, रोबोटिक्स और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़े मेधावी युवाओं को विशेष रूप से आमंत्रित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त राज्यभर में ‘राष्ट्र के रंग, सेवा के रंग और राष्ट्र के संग’ थीम पर रंगोली प्रतियोगिताएं आयोजित कर देश की ऐतिहासिक उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही त्रिस्तरीय पंचायतों और नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों के साथ ‘सुशासन सेवा संवाद’ कार्यक्रम भी संपन्न होंगे।

राजीव गांधी के बयान पर तीखा प्रहार, डीबीटी और जनधन की ताकत से बदला देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सुशासन का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पार्टी पर जोरदार राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस पुराने बयान का स्मरण कराया जिसमें उन्होंने कहा था कि दिल्ली से भेजे गए सौ रुपये में से जमीन पर गरीब तक केवल 15 रुपये ही पहुंच पाते हैं। योगी ने कहा कि वह बयान उस दौर की भ्रष्ट और बेबस व्यवस्था की खुली लाचारी को दर्शाता था। आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जनधन खातों और डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) की पारदर्शी व्यवस्था से दिल्ली से निकला पूरा का पूरा सौ रुपया सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा होता है, जिसमें बिचौलियों की कोई जगह नहीं बची है।

‘फ्रेजाइल फाइव’ से टॉप 5 अर्थव्यवस्था तक का सफर और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की क्रांति

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मोदी की कुशल आर्थिक नीतियों का ही परिणाम है कि भारत कभी दुनिया की सबसे कमजोर अर्थव्यवस्थाओं (‘फ्रेजाइल फाइव’) की सूची में गिना जाता था, जो आज छलांग लगाकर विश्व की शीर्ष पांच सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में शुमार हो चुका है। देश में हाईवे, एक्सप्रेसवे, रेलवे, अत्याधुनिक मेट्रो, नए एयरपोर्ट और वॉटरवे के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन हुए हैं। वंदे भारत, नमो भारत और अमृत भारत जैसी विश्वस्तरीय ट्रेनें आज नए भारत के तीव्र विकास की पहचान बन चुकी हैं। देश में जहां एम्स की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, वहीं आईआईटी, आईआईएम और मेडिकल कॉलेजों का नेटवर्क दूर-दराज के इलाकों तक फैल चुका है।

2014 के बाद गुलामी की मानसिकता से मुक्त हुआ भारत: सोमनाथ से अयोध्या तक का संकल्प

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और विरासत के सम्मान पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के ऐतिहासिक दृष्टिकोण पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का उदाहरण देते हुए कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के वहां आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने का खुलकर विरोध किया था। दशकों तक देशवासियों पर हीनभावना थोपने और भारत की महान विरासत को दबाकर गुलामी की मानसिकता में जकड़े रखने का षड्यंत्र रचा गया। वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी के सत्ता संभालने के बाद देश इस दासता की मानसिकता से पूरी तरह बाहर निकला। आज काशी विश्वनाथ धाम का पुनरुद्धार, अयोध्या में भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण और दिव्य-भव्य कुंभ का वैश्विक आयोजन इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं कि देश में विकास और विरासत दोनों एक साथ आगे बढ़ रहे हैं।

26 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर, 17 अक्तूबर तक बूथ स्तर तक चलेगा अभियान

कल्याणकारी योजनाओं के जमीनी प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए सीएम योगी ने रेखांकित किया कि केंद्र और राज्य सरकार की ईमानदार नीतियों के चलते देश में 26 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर निकलने में सफल हुए हैं, जिनमें अकेले उत्तर प्रदेश के छह करोड़ से अधिक नागरिक शामिल हैं। प्रदेश में लगभग 16 करोड़ जरूरतमंदों को निशुल्क राशन, पक्का आवास, शौचालय, उज्ज्वला गैस कनेक्शन, हर घर नल से जल और मुफ्त बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं से सशक्त बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के यशस्वी शासनकाल में पंडित दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय दर्शन और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का ग्राम स्वराज पूरी तरह समाहित है। इसी कारण 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती और 2 अक्तूबर को गांधी जयंती के पावन अवसरों को भी विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से इस सेवा संकल्प अभियान का अभिन्न अंग बनाया गया है। यह महाभियान गांव, बूथ, शक्ति केंद्र, विकासखंड और जिला स्तर से होते हुए 17 अक्तूबर तक पूरे प्रदेश में जन आंदोलन के रूप में संचालित किया जाएगा।

इस उच्चस्तरीय प्रेसवार्ता के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ पत्रकारगण और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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