Saturday , 12 September 2026

BRICS Summit 2026: बाजरा उपमा से अवधी कबाब तक, विदेशी मेहमानों की थाली में सजेगा भारत का अनूठा स्वाद; फाइव स्टार होटलों का खास मेन्यू तैयार

नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में आयोजित होने जा रहे 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में जब दुनिया के दिग्गज नेता वैश्विक कूटनीति की दिशा तय करेंगे, तब उनकी मेज पर भारत की समृद्ध खानपान संस्कृति का भी जलवा देखने को मिलेगा। राजधानी दिल्ली के प्रमुख पांच सितारा होटलों ने विदेशी डेलिगेट्स के स्वागत के लिए खास ‘फूड डिप्लोमेसी’ का खाका खींचा है। इस बार के शाही मेन्यू में न केवल पारंपरिक भारतीय जायके की खुशबू महकेगी, बल्कि विदेशी अतिथियों की व्यक्तिगत प्राथमिकताओं, स्वास्थ्य और खानपान की आदतों का भी बारीकी से ध्यान रखा गया है।

श्रीअन्न और देसी अनाजों पर जोर, लीला पैलेस में सत्तू और मिलेट्स का तड़का

भारत सरकार के प्रयासों से वैश्विक पहचान पा चुके ‘श्रीअन्न’ (मिलेट्स) को ब्रिक्स सम्मेलन की थाली में प्रमुख स्थान मिला है। द लीला पैलेस की विशेषज्ञ शेफ टीम ने ज्वार, बाजरा, जौ और बिहार के पारंपरिक सत्तू जैसे पौष्टिक तत्वों को आधुनिक व्यंजनों के साथ मिलाकर अनूठी डिशेज तैयार की हैं। सुबह के नाश्ते से लेकर मुख्य भोजन तक में मिलेट उपमा और देसी अनाजों से बने पोषक पकवानों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे मेहमानों को स्वाद के साथ बेहतरीन सेहत का भी अहसास हो।

अवधी कबाब से हैदराबादी बिरयानी तक, एक ही टेबल पर सिमटा पूरा हिंदुस्तान

विदेशी मेहमानों के लिए तैयार किए जा रहे मेन्यू में कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के व्यंजनों की झलक दिखेगी। लजीज व्यंजनों की सूची में जहां लखनऊ का नवाबी अवधी कबाब और दक्षिण भारत की मशहूर हैदराबादी बिरयानी शामिल की गई है, वहीं हेल्थ-कॉन्शियस अतिथियों के लिए किनुआ बिरयानी और बाजरा उपमा जैसे विकल्प भी मौजूद हैं। भारत की विविधता को खाने की प्लेट में इस तरह पिरोया गया है कि विदेशी प्रतिनिधि देश के हर कोने की पाक कला का लुत्फ उठा सकें।

कैसे तय होता है वीवीआईपी का मेन्यू? मेडिकल और पर्सनल चॉइस पर पैनी नजर

विश्व नेताओं की थाली का मेन्यू अचानक तय नहीं होता, बल्कि इसके पीछे महीनों की कूटनीतिक और लॉजिस्टिकल कवायद होती है। मेजबान देश के प्रोटोकॉल विभाग, सुरक्षा एजेंसियों और होटलों के हेड शेफ मिलकर इसे अंतिम रूप देते हैं। इसके लिए सभी देशों के प्रतिनिधियों की फूड एलर्जी, मेडिकल जरूरतें, धार्मिक प्राथमिकताएं और पसंदीदा व्यंजनों की सूची पहले से मंगाई जाती है। लीला पैलेस प्रबंधन के अनुसार, कौन सा नेता शाकाहारी है, किसे ग्लूटेन या लैक्टोज से परहेज है और किसे कम तीखा पसंद है, इन सभी पैमानों पर कसने के बाद ही मास्टर मेन्यू को अंतिम मंजूरी दी जाती है।

होटलों में दिखी अलग-अलग थीम, भारत मंडपम में सजेगा महफिल-ए-जायका

राजधानी के ताज महल, द लीला पैलेस और द ललित जैसे नामचीन होटलों में इस आयोजन को लेकर अलग-अलग कॉन्सेप्ट पर काम हुआ है। ताज होटल जहां विभिन्न राज्यों के पारंपरिक और शाही व्यंजनों के जीवंत प्रदर्शन पर फोकस कर रहा है, वहीं लीला पैलेस ने देसी मसालों और अनाजों के संतुलित इस्तेमाल पर जोर दिया है। 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में भारतीय व्यंजन केवल भोजन का माध्यम नहीं, बल्कि दुनिया के सामने भारत की समृद्ध परंपरा और ‘अतिथि देवो भव:’ की भावना को प्रदर्शित करने का सशक्त जरिया बनेंगे।

 

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