
नई दिल्ली। नोएडा में चलती बस के भीतर 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ हुए दरिंदगी भरे सामूहिक दुष्कर्म मामले ने सार्वजनिक परिवहन में महिला सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस सनसनीखेज वारदात का संज्ञान लेते हुए दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि पड़ोसी राज्यों से दिल्ली में प्रवेश करने वाली सभी अंतरराज्यीय बसों को अनिवार्य रूप से जीपीएस (GPS) आधारित ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य बसों के रूट और लोकेशन की रियल-टाइम निगरानी करना है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तत्काल एक्शन ले सकें।
पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय कर तैयार होगा रियल-टाइम ट्रैकिंग नेटवर्क
राजधानी में यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पुख्ता करने के लिए दिल्ली सरकार अंतरराज्यीय परिवहन नियमों को सख्त करने जा रही है:
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रियल-टाइम लोकेशन ट्रैकिंग: उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और पंजाब सहित अन्य पड़ोसी राज्यों से दिल्ली की सीमा में दाखिल होने वाली निजी व रोडवेज बसों में जीपीएस अनिवार्य किया जाएगा।
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कंट्रोल रूम से मॉनिटरिंग: बसों के निर्धारित रूट और स्टॉपेज पर सीधे कंट्रोल रूम से नजर रखी जाएगी। रूट में किसी भी अनाधिकृत बदलाव या संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत सुरक्षा अलार्म सक्रिय होगा।
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राज्यों के साथ संयुक्त समन्वय: मुख्यमंत्री ने संकेत दिए हैं कि इस केंद्रीयकृत निगरानी प्रणाली को धरातल पर उतारने के लिए जल्द ही पड़ोसी राज्यों के परिवहन विभागों के साथ उच्चस्तरीय समन्वय बैठक की जाएगी।
झांसा देकर वर्कशॉप ले गए, दरिंदगी के बाद कश्मीरी गेट पर फेंका
यह दर्दनाक वारदात 4 अगस्त की रात को हुई थी। मैनपुरी की रहने वाली 16 वर्षीय छात्रा घरेलू नाराजगी के चलते घर से निकलकर नोएडा सेक्टर-63 स्थित अपने रिश्तेदार के यहां जा रही थी। भारी बारिश के चलते छात्रा ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर उतर गई। वहां एक बस के कंडक्टर ने उसे सेक्टर-63 छोड़ने का झांसा देकर बस में बैठा लिया।
पुलिस जांच के अनुसार, तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर बस को सूरजपुर स्थित एक सुनसान वर्कशॉप में ले जाया गया। वहां बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी पीड़िता को दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में बेसुध छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों दरिंदों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की कवायद
इस घटना पर गहरा रोष और चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्राइवर और कंडक्टर जैसे सार्वजनिक सेवा से जुड़े लोगों द्वारा ऐसा घिनौना कृत्य अत्यंत निंदनीय है। बसों में जीपीएस अनिवार्य करने और उनकी चौबीसों घंटे निगरानी से न केवल अपराधियों में खौफ पैदा होगा, बल्कि भविष्य में ऐसी अप्रिय घटनाओं को रोकने में भी मदद मिलेगी।
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