
नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत सोमवार को बहुप्रतीक्षित ड्राफ्ट वोटर लिस्ट आधिकारिक तौर पर जारी कर दी गई है। जारी की गई इस प्रारंभिक सूची में करीब 97.5 लाख मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं, जबकि लगभग 47.7 लाख लोगों के नाम फिलहाल इस सूची से बाहर कर दिए गए हैं। राजधानी में कुल मतदाताओं की संख्या 1,45,10,299 दर्ज है। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, घर-घर जाकर किए गए गहन सर्वे के दौरान लगभग 97.5 लाख नागरिकों के गणना फॉर्म प्राप्त हुए, जिन्हें डिजिटल रूप से ऑनलाइन रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। यह आंकड़ा दिल्ली के कुल मतदाताओं का लगभग 67.18 प्रतिशत बैठता है।
ड्राफ्ट लिस्ट से नाम गायब होने पर घबराएं नहीं, दोबारा जुड़वाने का मिलेगा पूरा मौका
यदि ड्राफ्ट मतदाता सूची में आपका नाम दर्ज नहीं है, तो परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। इस सूची में नाम न होने का यह कतई अर्थ नहीं है कि आपका मताधिकार हमेशा के लिए समाप्त हो गया है। निर्वाचन आयोग के नियमों के मुताबिक, यदि आप मतदाता बनने की सभी जरूरी अर्हताएं पूरी करते हैं, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नाम दोबारा जुड़वाने के लिए दावा प्रस्तुत कर सकते हैं।
30 सितंबर 2026 तक दर्ज करा सकते हैं दावा और आपत्ति
जिन पात्र नागरिकों का नाम इस ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हो सका है, उनके लिए दावा और आपत्ति दर्ज कराने की विशेष खिड़की खोल दी गई है। मतदाता 31 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक अपनी आपत्ति अथवा नाम जुड़वाने का आवेदन जमा कर सकते हैं। इसके उपरांत निर्वाचन अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों और व्यक्तिगत विवरणों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। जांच प्रक्रिया में सभी दस्तावेज सही और वैध पाए जाने पर आवेदक का नाम अंतिम मतदाता सूची में जोड़ दिया जाएगा।
4 नवंबर 2026 को जारी की जाएगी दिल्ली की फाइनल वोटर लिस्ट
दावा और आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम समय सीमा 30 सितंबर 2026 तय की गई है। इसके पश्चात प्राप्त सभी आवेदनों की गहन जांच-पड़ताल होगी। निर्वाचन विभाग द्वारा नोटिस जारी करने और प्राप्त मामलों के विधिवत निस्तारण की पूरी प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक संपन्न की जाएगी। सभी दावों और आपत्तियों के अंतिम समाधान के बाद 4 नवंबर 2026 को दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) प्रकाशित की जाएगी।
आखिर क्यों हटाए गए 47.7 लाख नाम? सामने आई यह बड़ी वजह
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान जब बीएलओ और सर्वेक्षण टीमों ने घर-घर दस्तक दी, तो लगभग 47.7 लाख लोगों के गणना फॉर्म प्राप्त नहीं हो सके। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, इस श्रेणी में वे लोग शामिल हैं जो पते पर अनुपस्थित मिले, स्थायी रूप से किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित हो चुके हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जिनका नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज था। ऐसे सभी मामलों को नियमों के तहत ‘अनकलेक्टेबल’ (Uncollectable) श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है, जिसके चलते प्रारंभिक तौर पर इन नामों को ड्राफ्ट लिस्ट से अलग रखा गया है।
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