Monday , 24 August 2026

‘यह बात किसी को मत बताना’…द्रोणाचार्य अवॉर्डी जिम्नास्टिक कोच पर नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ का आरोप, POCSO एक्ट में FIR दर्ज

मुंबई ब्यूरो: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के विले पार्ले इलाके से खेल जगत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। प्रतिष्ठित ‘द्रोणाचार्य पुरस्कार’ से सम्मानित 45 वर्षीय राष्ट्रीय जिम्नास्टिक कोच गणेश देवरुखकर पर 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ और यौन शोषण की कोशिश का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर विले पार्ले पुलिस ने आरोपी कोच के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम समेत संबंधित गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

व्हाट्सऐप मैसेज भेजकर अकेले जिम्नेजियम में बुलाया दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, घटना शुक्रवार की सुबह घटी जब पीड़िता अपने घर पर पढ़ाई कर रही थी। उसी दौरान आरोपी कोच ने छात्रा के मोबाइल पर व्हाट्सऐप पर ‘Hi’ का संदेश भेजा। छात्रा ने जवाब दिया और मामले की जानकारी तुरंत अपनी मां को दी। मां के कहने पर जब छात्रा ने संदेश भेजने का कारण पूछा, तो कोच ने पूछा कि वह कहां है और कहा कि यदि वह फ्री है तो तुरंत जिम्नेजियम में आकर मिले।

दरवाजा अंदर से कराया बंद, की जबरदस्ती की कोशिश सालों से जिम्नास्टिक का प्रशिक्षण ले रही छात्रा को लगा कि खेल से जुड़ा कोई जरूरी काम होगा। जब वह जिम्नेजियम पहुंची तो वहां कोच अकेले मौजूद थे। आरोप है कि कोच ने नाबालिग से उसकी चप्पल अंदर रखवाकर कमरे का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद करवा लिया। इसके बाद कोच ने छात्रा के साथ अश्लील हरकतें करते हुए उसका यौन शोषण करने का प्रयास किया।

‘यह बात किसी को मत बताना’… पीटी टीचर की मदद से थाने पहुंची पीड़िता छात्रा ने जब कड़ा विरोध किया और वहां से निकलने लगी, तो आरोपी कोच ने उसे धमकाते हुए कहा कि जो कुछ भी कमरे में हुआ, वह किसी तीसरे व्यक्ति तक नहीं पहुंचना चाहिए और इसे आपस के बीच ही दबाए रखे। दहशत में आई छात्रा ने हिम्मत जुटाकर पूरी आपबीती अपने स्कूल की पीटी टीचर को बताई। इसके बाद पीटी टीचर के सहयोग से पीड़िता विले पार्ले थाने पहुंची और आपबीती बयां करते हुए नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई।

राष्ट्रपति के हाथों मिल चुका है द्रोणाचार्य पुरस्कार आरोपी कोच गणेश देवरुखकर खेल के क्षेत्र में एक बड़ा और चर्चित नाम रहा है। खेल में खिलाड़ियों को तराशने के लिए उन्हें देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा देश के प्रतिष्ठित ‘द्रोणाचार्य अवॉर्ड’ से सम्मानित किया जा चुका है। ऐसे शीर्ष स्तर के सम्मानित कोच पर लगे इस संगीन आरोप के बाद खेल जगत और खेल अकादमियों में भारी आक्रोश और हड़कंप मच गया है। पुलिस मामले के सभी तकनीकी व परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की बारीकी से जांच कर रही है।

 

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