Monday , 24 August 2026

बांग्लादेश में रोंगटे खड़े करने वाली वारदात: हिंदू शिक्षक के पूरे परिवार का कत्ल, 7 घंटे तक लाशों के बीच खीरा-खजूर खाते रहे कातिल; नहाकर हुए फरार

रंगपुर : बांग्लादेश के रंगपुर में एक हिंदू परिवार के चार सदस्यों की नृशंस हत्या के मामले में पुलिस की जांच में रूह कंपा देने वाले खुलासे सामने आए हैं। सेवानिवृत्त शिक्षक, उनकी पत्नी और दो मासूम बच्चों को मौत के घाट उतारने के बाद दोनों हत्यारे वारदात की जगह से भागे नहीं, बल्कि करीब 6 से 7 घंटे तक उसी घर में आराम से डेरा जमाए रहे। इस दौरान उन्होंने फ्रिज से सामान निकालकर खाया, नशा किया और फिर इत्मीनान से नहा-धोकर फरार हो गए। पुलिस ने दोनों चचेरे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

छत पर ले रहे थे नशा, टोकने पर शुरू हुआ खूनी खेल पुलिस जांच के अनुसार, रंगपुर जिला स्कूल के रिटायर्ड शिक्षक गणपति चक्रवर्ती के मकान की छत पर पड़ोस की इमारत के रास्ते दो युवक मुग्धो और सिद्धार्थ पहुंचे थे। दोनों छत पर बैठकर खतरनाक नशीली गोली ‘याबा’ का सेवन कर रहे थे। छत से आ रही अजीब आवाजों को सुनकर गणपति चक्रवर्ती पूछताछ करने ऊपर पहुंचे। आरोपियों को लगा कि वे पकड़े जाएंगे और पहचाने जाने के डर से उन्होंने शिक्षक के गले में पड़े गमछे से ही उनका गला घोंट दिया।

एक-एक कर पूरे परिवार को उतारा मौत के घाट पति के साथ हो रही हाथापाई की आवाज सुनकर पत्नी प्रीतिलता चक्रवर्ती सीढ़ियों से ऊपर की ओर भागीं। हमलावरों ने बेरहमी से सीढ़ियों पर ही कपड़े से उनका गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद पकड़े जाने के खौफ में उन्होंने अंग्रेजी में मास्टर्स कर चुकी बेटी आगमी चक्रवर्ती प्रार्थी और 12 वर्षीय बेटे प्रियम चक्रवर्ती को भी नहीं बख्शा। बताया जा रहा है कि पांचवीं में पढ़ने वाला प्रियम आरोपियों में से एक के छोटे भाई अपूर्वा का दोस्त था, जिससे पहचान उजागर होने का सबसे बड़ा डर था।

कत्ल के बाद 7 घंटे तक लाशों के बीच खाते रहे खजूर और खीरा चारों हत्याओं को अंजाम देने के बाद भी हत्यारों के चेहरे पर कोई खौफ नहीं था। वे तुरंत भागने के बजाय लगभग 6 से 7 घंटे तक बंद मकान में ही रुके रहे। उन्होंने फ्रिज से खीरा निकाला, खजूर खाए और फिर से नशा किया। इसके बाद दोनों ने घर में बाकायदा स्नान किया। पुलिस को मौके से खजूर की गुठलियां, खीरे के अवशेष और अधजली चूड़ियां बरामद हुईं, जिनकी फोरेंसिक जांच ने पुलिस को आरोपियों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

बंद फोन से गहराया शक, बिस्तर के नीचे मिला 12 साल के बेटे का शव परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल फोन गुरुवार की रात से ही बंद आ रहे थे। लगातार दो दिन तक कोई संपर्क न होने पर जब शनिवार रात करीब 11:30 बजे रिश्तेदार घर पहुंचे, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। छत पर गणपति चक्रवर्ती, सीढ़ियों पर पत्नी व बेटी, और कमरे में बिस्तर के नीचे 12 वर्षीय प्रियम का शव पड़ा मिला। रंगपुर मेट्रोपॉलिटन पुलिस, सीआईडी और डिटेक्टिव ब्रांच की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों संदिग्धों को दबोच लिया, जहां कड़ाई से पूछताछ में उन्होंने पूरे घटनाक्रम का सच उगल दिया।

 

Check Also

छत्रपति संभाजीनगर में एक ही परिवार के 3 सदस्यों की मौत: iPhone नहीं, 20 साल पुराना कलह और 3 एकड़ जमीन बनी वजह; अलग-अलग श्मशान में हुआ अंतिम संस्कार

छत्रपति संभाजीनगर  : महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में चांदगुडे परिवार के तीन सदस्यों की संदिग्ध …