
कानपुर ब्यूरो। जनपद के चौबेपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गुरैया गांव में शनिवार को उस समय भारी बवाल हो गया, जब हत्या के मामले में वांछित वारंटी को पकड़ने पहुंची सचेंडी पुलिस टीम को ग्रामीणों और परिजनों ने चारों तरफ से घेर लिया। उग्र ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों के साथ तीखी नोकझोंक व हाथापाई करते हुए पकड़े गए वारंटी को पुलिस हिरासत से जबरन छुड़ा लिया। हालात बिगड़ते देख चौबेपुर थाने की भारी पुलिस फोर्स ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और आरोपी को दोबारा गिरफ्तार कर लिया।
बहन के घर छिपा था हत्यारोपी सुमित शुक्ला सचेंडी थाना क्षेत्र का रहने वाला सुमित शुक्ला हत्या के एक गंभीर मामले में नामजद आरोपी है और अदालत से उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी था। पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि वारंटी सुमित चौबेपुर के गुरैया गांव में अपनी बहन के घर छिपकर रह रहा है। सूचना की पुष्टि होने पर सचेंडी थाने के दरोगा देवेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ गुरैया गांव में दबिश देने पहुंचे थे।
कार में बैठाते ही परिजनों और पड़ोसियों ने बोला धावा दबिश के दौरान पुलिस टीम ने आरोपी सुमित को उसके ठिकाने से पकड़ लिया। टीम जैसे ही उसे सरकारी वाहन में बैठाने लगी, तभी उसकी बहन, बहनोई, अन्य परिजनों और पड़ोसियों ने पुलिस का रास्ता रोक लिया। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। आरोप है कि आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू कर दी और दबाव बनाकर सुमित को पुलिस की गिरफ्त से छुड़ा ले गए।
चौबेपुर पुलिस ने पहुंचकर टीम को निकाला, आरोपी फिर गिरफ्तार ग्रामीणों के बीच फंसी सचेंडी पुलिस टीम ने फौरन उच्चाधिकारियों और स्थानीय चौबेपुर पुलिस को इमरजेंसी सूचना भेजी। सूचना मिलते ही चौबेपुर थाने से भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और घेराबंदी कर सचेंडी की टीम को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके तुरंत बाद संयुक्त कार्रवाई करते हुए फरार हुए वारंटी सुमित शुक्ला को गांव से दोबारा धर दबोचा गया और सचेंडी पुलिस के हवाले कर दिया गया।
बिना सूचना दबिश देने पहुंची थी टीम: थाना प्रभारी चौबेपुर थाना प्रभारी दुर्गेश मिश्रा के अनुसार, सचेंडी पुलिस ने स्थानीय थाने को बिना पूर्व सूचना दिए गांव में दबिश दी थी, जिसके चलते यह अप्रिय स्थिति उत्पन्न हुई। थाना प्रभारी ने बताया कि सचेंडी थाने के दरोगा देवेंद्र सिंह की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक तहरीर नहीं दी गई है। सरकारी कार्य में बाधा और पुलिस पर हमले की लिखित शिकायत मिलते ही आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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