Friday , 21 August 2026

सिरदर्द से हैं परेशान? रोजमर्रा की ये 5 आदतें बढ़ा सकती हैं माइग्रेन का दर्द, जानें बचाव के आसान उपाय

माइग्रेन का तेज दर्द किसी भी व्यक्ति की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अक्सर हमारी रोजमर्रा की जीवनशैली से जुड़ी कुछ सामान्य गलतियां इस दर्द को बढ़ाने या ट्रिगर करने का मुख्य कारण बनती हैं। अगर समय रहते इन आदतों को समझकर इनमें सुधार कर लिया जाए, तो माइग्रेन की समस्या से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है।

पानी की कमी बन सकती है बड़ा ट्रिगर

शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) माइग्रेन के प्रमुख कारणों में से एक है। पर्याप्त मात्रा में पानी न मिलने से मस्तिष्क सहित पूरे शरीर के सामान्य कामकाज पर असर पड़ता है, जिससे चक्कर आना, थकान और सिर में भारीपन महसूस होने लगता है। पानी शरीर का तापमान नियंत्रित रखने और कोशिकाओं को ऊर्जा देने का काम करता है। इससे बचाव के लिए दिनभर थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें और नारियल पानी, सूप व रसीले फलों का सेवन करें।

नींद का बिगड़ा पैटर्न और अधूरी नींद

कम सोना या रोज अलग-अलग समय पर सोना शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक (प्राकृतिक घड़ी) को असंतुलित कर देता है। पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद न मिलने से माइग्रेन का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। वयस्कों के लिए रोजाना 7 से 9 घंटे की गहरी नींद लेना बेहद जरूरी है। इसके लिए एक निश्चित समय पर सोने और जागने का रूटीन बनाना चाहिए ताकि शरीर और मस्तिष्क को पूरा आराम मिल सके।

कैफीन और शराब का अत्यधिक सेवन

कई लोग सिरदर्द होने पर चाय या कॉफी का सहारा लेते हैं, लेकिन ज्यादा मात्रा में कैफीन का सेवन नर्वस सिस्टम को प्रभावित कर सकता है और नींद में खलल डालता है। इसके अलावा शराब का सेवन भी कई लोगों में माइग्रेन अटैक का बड़ा कारण बनता है। यह समझना बेहद जरूरी है कि आपके शरीर को कौन सा पेय नुकसान पहुंचा रहा है, ताकि उससे उचित दूरी बनाई जा सके।

लगातार स्क्रीन का इस्तेमाल और आंखों पर तनाव

डिजिटल दौर में कंप्यूटर, लैपटॉप, टीवी और मोबाइल का घंटों लगातार इस्तेमाल माइग्रेन के लक्षणों को और अधिक गंभीर बना देता है। स्क्रीन की तेज रोशनी आंखों पर भारी दबाव डालती है। इससे बचने के लिए स्क्रीन की ब्राइटनेस कम रखें और ’20-20-20 नियम’ अपनाएं। यानी हर 20 मिनट के स्क्रीन टाइम के बाद 20 सेकंड के लिए कम से कम 20 फीट दूर किसी वस्तु को देखें और बीच-बीच में आंखों को आराम दें।

अनियमित खानपान और खाली पेट रहना

लंबे समय तक भूखे रहना या भोजन का समय बार-बार बदलना शरीर में ब्लड शुगर और एनर्जी लेवल को गिरा देता है, जिससे माइग्रेन का दर्द तेजी से उभर सकता है। इसके अलावा ज्यादा तला-भुना, मसालेदार और प्रोसेस्ड फूड भी नुकसान पहुंचाता है। समय पर संतुलित भोजन करें, जिसमें ताजे फल, हरी सब्जियां, प्रोटीन और जरूरी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में शामिल हों।

 

Check Also

लखनऊ बैंक अधिकारी हत्याकांड: ‘खराब टमाटर आने पर भी पीटता था साइको पति’, दिव्या की मौत के बाद पत्रकार बहन प्रज्ञा मिश्रा ने खोले खौफनाक राज

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बहुचर्चित आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक अधिकारी दिव्या मिश्रा हत्याकांड और …