Wednesday , 5 August 2026

JPSC-JSSC धांधली मामला: रांची में 12 दिनों से डटे छात्र, अनशन पर बैठे छात्र नेता की बिगड़ी तबीयत; CID ने 3 और को दबोचा..पूर्व चेयरमैन से 7 घंटे पूछताछ

 रांची।  झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और JSSC परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का गुस्सा अब फूट पड़ा है। राजधानी रांची में चल रहा युवाओं का आंदोलन 12वें दिन भी जारी रहा, जो अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। खराब मौसम के बावजूद भारी संख्या में छात्र और उनके अभिभावक आंदोलन स्थल पर डटे हुए हैं।

दूसरी ओर, अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के अनशन का तीसरा दिन है और उनकी तबीयत लगातार बिगड़ने की खबरें आ रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

CID का बड़ा एक्शन: 3 और गिरफ्तार, पूर्व चेयरमैन से 7 घंटे पूछताछ

JPSC परीक्षा में अनियमितताओं की जांच कर रही CID की टीम ने कार्रवाई तेज कर दी है। CID ने मंगलवार को साक्ष्यों के आधार पर उमेश कुमार, बुद्धेश्वर भगत और रमेश कुमार को गिरफ्तार किया है। इन तीनों आरोपियों पर परीक्षा संचालन को प्रभावित करने का आरोप है। इसके साथ ही इस धांधली मामले में अब तक कुल 14 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

इतना ही नहीं, 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा मामले में सीआईडी की टीम पूर्व चेयरमैन एल ख्यांग्ते पर भी शिकंजा कस रही है। पुलिस ने उनसे चौथी बार करीब 7 घंटे तक गहन पूछताछ की। इससे पहले 28, 29 और 31 जुलाई को भी उनसे सवाल-जवाब किए गए थे।

‘5 जुलाई से जारी है लड़ाई, जांच में हो रहे बड़े खुलासे’

आंदोलन की अगुवाई कर रहे और अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने बताया कि विवाद की शुरुआत 14वीं प्रीलिमिनरी टेस्ट (पीटी) के परिणाम के बाद हुई। उन्होंने कहा:

“हमने 5 जुलाई से आंदोलन की शुरुआत की। 7 जुलाई को राज्यपाल से मुलाकात की, 8 जुलाई को पुतला दहन कर विरोध दर्ज कराया और 20 जुलाई को खुद मुख्यमंत्री से मिलकर धांधली के पक्के सबूत सौंपे। इसके बाद ही सरकारी मशीनरी हरकत में आई और जांच आगे बढ़ने पर परत-दर-परत बड़े खुलासे हो रहे हैं।”

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बोले- ‘सीना चीरकर नहीं दिखा सकता कि हम कितने गंभीर हैं’

JPSC में कथित गड़बड़ियों और सड़कों पर उतरे छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस पूरे मामले पर पूरी संवेदनशीलता के साथ नजर बनाए हुए है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकार के पास आंख, कान और संवेदनशीलता सब है। मैं सीना चीरकर नहीं दिखा सकता कि हम इस मामले को लेकर कितने गंभीर हैं। हमारी सोच हमेशा यही रही है कि किसी भी मुद्दे का तार्किक समाधान होने तक उसे आगे बढ़ाया जाए। फिलहाल सभी को जांच रिपोर्ट आने का इंतजार करना चाहिए।” 

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