
नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में कुदरत का कहर जारी है, जहां मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। उत्तर-पूर्व से लेकर दक्षिण भारत के राज्य इस वक्त भीषण जलप्रलय का सामना कर रहे हैं। सबसे अधिक तबाही केरल और असम में देखने को मिल रही है, जहां अब तक कुल 112 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। हजारों घर तबाह हो चुके हैं और लाखों लोग राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं।
मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति को देखते हुए पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई जिलों में भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
केरल: सामान्य से 181% अधिक बारिश, 25 की मौत और कई नदियां उफान पर
केरल में एक अगस्त से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने तबाही का रूप ले लिया है। राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 4 लोग लापता हैं और 10 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। राज्यभर में 52 घर पूरी तरह ज़मीनदोज़ हो चुके हैं, जबकि 565 मकानों को भारी नुकसान पहुंचा है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 1 से 4 अगस्त के बीच केरल में रिकॉर्ड 205.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य (73.2 मिमी) से 181 प्रतिशत अधिक है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने पत्तनमथिट्ठा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्णाकुलम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। राज्य के 400 से अधिक राहत शिविरों में 18 हजार से ज्यादा लोग रह रहे हैं। मुवाट्टुपुषा और तोडुपुषा जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया है।
बाढ़ पीड़ितों के लिए विशेष अदालतें और तुरंत आर्थिक मदद का ऐलान
केरल के मुख्यमंत्री ने घर और आजीविका गंवाने वाले प्रभावित परिवारों को तत्काल वित्तीय सहायता देने का भरोसा दिया है। बाढ़ में बह गए जरूरी दस्तावेजों को दोबारा बनवाने के लिए सरकार विशेष अदालतें लगाएगी और प्रभावित बच्चों को नई स्कूल की किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा, स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रत्येक वार्ड को ₹25,000 की राशि मंजूर की गई है।
असम: बाढ़ से अब तक 87 मौतें, 1.28 लाख आबादी प्रभावित
असम में बाढ़ का संकट धीरे-धीरे कम जरूर हो रहा है, लेकिन स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में शिवसागर जिले में दो और मौतों के बाद इस साल राज्य में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 87 तक पहुंच गई है।
वर्तमान में राज्य के 6 जिले बाढ़ की चपेट में हैं और लगभग 1.28 लाख लोग इससे प्रभावित हैं। शिवसागर सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है, जहां 55 हजार से अधिक लोग संकट का सामना कर रहे हैं। इसके अलावा चराईदेव और जोरहाट जिलों में भी जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है।
ओडिशा: 22 जिलों में 8.64 लाख लोग प्रभावित, ₹110 करोड़ के राहत पैकेज का ऐलान
ओडिशा में भी बाढ़ और भारी बारिश ने भारी नुकसान पहुंचाया है। राज्य के 22 जिलों में करीब 8.64 लाख लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि 6 लोगों की जान जा चुकी है और 3,567 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
हालात की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बाढ़ प्रभावितों के लिए ₹110 करोड़ के शुरुआती राहत पैकेज का ऐलान किया है। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए पीड़ित परिवारों को ₹1.2 लाख तक की वित्तीय सहायता मिलेगी। इसके अलावा SDRF के नियमों के अनुसार फसल और मवेशियों के नुकसान का भी मुआवजा दिया जाएगा।
पूर्वोत्तर के राज्यों में भी रेड और ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश और मेघालय के 15 जिलों में अति भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का सीधा असर असम के सीमावर्ती इलाकों पर भी पड़ सकता है। वहीं, नगालैंड के कई हिस्सों में एहतियातन येलो अलर्ट लागू किया गया है और लोगों को नदियों के पास न जाने की सलाह दी गई है।
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