नई दिल्ली। देश के करोड़ों अन्नदाताओं के लिए केंद्र सरकार ने एक बेहद राहतभरी और बड़ी खुशखबरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना को आगामी वर्षों के लिए भी जारी रखने के महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।
सरकार के इस दूरगामी फैसले से कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और देश के छोटे व सीमांत किसानों को आर्थिक संबल मिलता रहेगा।
वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक विस्तार, ₹3.15 लाख करोड़ स्वीकृत
केंद्रीय कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि PM-KISAN योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक (अगले 5 वर्षों के लिए) विस्तार दिया जाएगा।
बजट का प्रावधान: इस पांच वर्षीय अवधि के लिए केंद्र सरकार ने 3.15 लाख करोड़ रुपये के विशाल वित्तीय बजट को मंजूरी दी है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती-किसानी की जरूरतों (बीज, खाद, कीटनाशक) के लिए समय पर नकदी सहायता उपलब्ध कराना है।
हर साल मिलती है ₹6,000 की आर्थिक मदद
कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि PM-KISAN केंद्र सरकार की सबसे सफल और पारदर्शी योजनाओं में से एक है:
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किस्तें: पात्र किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की सहायता राशि तीन समान किस्तों (₹2,000-₹2,000) में दी जाती है।
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डायरेक्ट ट्रांसफर: यह राशि बिना किसी बिचौलिए के सीधे किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों (Direct Benefit Transfer – DBT) में भेजी जाती है।
महाजनों के कर्ज से मिली मुक्ति, 85% किसानों को राहत
योजना में बायोमेट्रिक और डिजिटल वेरिफिकेशन के जरिए पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। हालिया अध्ययनों से सामने आया है कि पीएम-किसान की नियमित वित्तीय मदद की वजह से लगभग 85% किसानों की महाजनों और अनौपचारिक साहूकारों पर निर्भरता में भारी कमी आई है।
2019 से अब तक का ऐतिहासिक सफर
फरवरी 2019 में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी योजना ने भारतीय कृषि परिदृश्य को पूरी तरह से बदल दिया है:
| विवरण | आंकड़े |
| कुल हस्तांतरित राशि (अब तक) | ₹4.47 लाख करोड़ से अधिक |
| कुल जारी किस्तें | 23 किस्तें |
| 23वीं किस्त के लाभार्थी | 9.49 करोड़ से अधिक किसान |
| 23वीं किस्त में बांटी गई राशि | ₹18,984 करोड़ |
सरकार का यह ऐतिहासिक फैसला देश के कृषि क्षेत्र को गति देने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
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