Tuesday , 28 July 2026

दक्षिण भारत में कोरोना की वापसी से हड़कंप: आंध्र प्रदेश में बीते 24 घंटे में मिले 10 नए मरीज, मौतों के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता

अमरावती। देश में एक बार फिर कोरोना वायरस (Covid-19) के नए मामलों की दस्तक ने स्वास्थ्य विभाग और आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। विशेष रूप से दक्षिण भारत में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के चलते एक नई लहर की आशंका गहराने लगी है। आंध्र प्रदेश में स्थिति तेजी से बदल रही है, जहां पिछले 24 घंटों के भीतर 10 नए मरीज सामने आए हैं। इसके साथ ही राज्य में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 49 हो गई है।

ताजा रिपोर्टों के अनुसार, दक्षिण भारत में कोरोना संक्रमण के प्रसार के साथ-साथ उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में भी मामले दर्ज किए जा रहे हैं। हालांकि, संक्रमण से होने वाली मौतों की संख्या फिलहाल दक्षिण भारत तक ही सीमित है, जिसने प्रशासन को सतर्क कर दिया है।

कई जिलों में फैला संक्रमण, पूर्वी गोदावरी बना हॉटस्पॉट

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, राज्य में अब तक 302 संदिग्ध नमूनों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से 49 में संक्रमण की पुष्टि हुई है। चिंता की बात यह है कि ये मामले किसी एक क्षेत्र तक सीमित न होकर राज्य के कई जिलों में फैल चुके हैं।

बीते 24 घंटों में मिले 10 नए मामलों में गुंटूर से 3, एनटीआर जिले से 2, जबकि अल्लूरी सीताराम राजू, एलुरु, कृष्णा, तिरुपति और विशाखापत्तनम जिलों से 1-1 मामला दर्ज किया गया है। जिलों के आंकड़ों पर नजर डालें तो:

  • पूर्वी गोदावरी: सर्वाधिक 11 मामले (प्रमुख हॉटस्पॉट)

  • गुंटूर: 9 मामले

  • कडपा: 8 मामले

  • विशाखापत्तनम: 5 मामले

  • एनटीआर जिला: 3 मामले

  • काकीनाडा, एलुरु और बापटला: 2-2 मामले

24 मरीज अस्पतालों में भर्ती, 4 मरीजों की मौत से हड़कंप

राज्य में दर्ज कुल 49 सक्रिय मामलों में से 24 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। वहीं, हल्के लक्षणों वाले 16 मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा गया है। राहत की बात यह है कि 5 मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, लेकिन 4 मरीजों की मौत ने स्वास्थ्य तंत्र की चिंता बढ़ा दी है।

प्रशासन अलर्ट मोड पर: रैपिड रिस्पॉन्स टीमें तैनात

मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गए हैं। राज्य भर में निगरानी बढ़ा दी गई है और जिला स्तर पर रैपिड रिस्पॉन्स टीमें (RRT) तैनात की गई हैं। ये टीमें मरीजों की सेहत का जायजा लेने के साथ-साथ उनके संपर्क में आए लोगों की ‘कांटैक्ट ट्रेसिंग’ कर रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य के सभी प्रमुख अस्पतालों में पर्याप्त संख्या में आरटी-पीसीआर (RT-PCR) जांच किट, बेड और ऑक्सीजन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

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