शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला है। बुधवार तड़के खुटार-बंडा मार्ग पर एक भीषण सड़क हादसे में आलू से लदे ट्रक के परखच्चे उड़ गए। अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकराए इस ट्रक का केबिन पूरी तरह चकनाचूर हो गया, जिसमें फंसकर चालक की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस और स्थानीय प्रशासन को शव बाहर निकालने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी।
बदायूं से लखीमपुर जा रहा था ट्रक, तड़के 4 बजे हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीलीभीत जिले के थाना हजारा क्षेत्र के राणा प्रताप नगर निवासी नसीम अहमद (50) पुत्र अमीन अंसारी पेशे से ट्रक चालक थे। वह बुधवार तड़के बदायूं से ट्रक में आलू लादकर लखीमपुर खीरी की ओर जा रहे थे। सुबह करीब चार बजे जैसे ही उनका ट्रक खुटार-बंडा मार्ग पर स्थित रूरा गुरुद्वारा के पास पहुंचा, अचानक वाहन अनियंत्रित हो गया और तेज रफ्तार में सड़क किनारे खड़े एक भारी-भरकम पेड़ से जा भिड़ा।
जेसीबी और क्रेन की मदद से डेढ़ घंटे बाद निकाला जा सका शव
टक्कर इतनी भयानक थी कि ट्रक के अगले हिस्से और केबिन के परखच्चे उड़ गए। चालक नसीम अहमद केबिन के मलबे में बुरी तरह दब गए। राहगीरों की सूचना पर तत्काल पुलिस बल मौके पर पहुंचा। केबिन बुरी तरह पिचक जाने के कारण पुलिस और ग्रामीणों के शुरुआती प्रयास असफल रहे। इसके बाद मौके पर जेसीबी और क्रेन बुलाई गई। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ट्रक के क्षतिग्रस्त हिस्से को काटकर चालक को बाहर निकाला गया। आनन-फानन में उन्हें 108 एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खुटार भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
जेब में मिले दस्तावेजों से हुई पहचान, परिवार में मचा कोहराम
अस्पताल प्रशासन और पुलिस ने मृतक की जेब से मिले दस्तावेजों के आधार पर उनके परिजनों को हादसे की सूचना दी। दिल दहला देने वाली खबर मिलते ही मृतक का भाई रियासुद्दीन अस्पताल पहुंचा और शव की शिनाख्त की। नसीम की मौत की खबर से उनके परिवार में कोहराम मच गया है। वह अपने पीछे मां सायरा बानो, पत्नी शदरुन निशा और दो बेटों सुहेल व फैज अहमद को रोता-बिलखता छोड़ गए हैं। पुलिस ने पंचनामा की औपचारिकता पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
रफ्तार और थकान बन रही जानलेवा, जिले में थम नहीं रहे हादसे
शाहजहांपुर जिले में पिछले कुछ समय से सड़क हादसों के ग्राफ में तेजी से इजाफा हुआ है। गंगा एक्सप्रेस वे से लेकर ग्रामीण इलाकों तक की सड़कों पर आए दिन वाहन चालकों की लापरवाही या नींद की झपकी के कारण खूनी खेल हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, लंबी दूरी तय करने वाले चालकों में थकान और नींद की कमी रात या तड़के के समय होने वाले हादसों का सबसे बड़ा कारण बनती है। परिवहन विभाग की ओर से चलाए जाने वाले जागरूकता अभियान भी जमीन पर बेअसर साबित हो रहे हैं। सुरक्षित सफर के लिए गति सीमा का पालन और पर्याप्त आराम बेहद जरूरी है।
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