Tuesday , 14 July 2026

कोरोना रिटर्न की आहट: आंध्र प्रदेश में 2 मौतों के बाद ओडिशा में हाई अलर्ट, क्या फिर लौटने वाली है पाबंदियां?

भुवनेश्वर: देश में कोरोना (COVID-19) संक्रमण एक बार फिर डराने लगा है। पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में कोरोना से दो मरीजों की मौत और तेजी से बढ़ते मामलों के बाद ओडिशा सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। नवीन और एहतियाती कदम उठाते हुए राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में निगरानी और टेस्टिंग की रफ्तार दोगुनी कर दी है। हालांकि, राहत की बात यह है कि ओडिशा में फिलहाल कोरोना का एक भी सक्रिय (एक्टिव) मामला नहीं है, लेकिन दोनों राज्यों के बीच भारी आवाजाही को देखते हुए प्रशासन कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता।

आंध्र प्रदेश के कडप्पा में मचा हड़कंप, अस्पतालों में अलर्ट

न्यूज एजेंसी के मुताबिक, आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले में बीते कुछ दिनों के भीतर कोरोना के ग्राफ में अचानक उछाल देखा गया है। यहां 9 जुलाई को कोरोना संक्रमित एक 46 वर्षीय व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसे सांस लेने में गंभीर तकलीफ और तेज खांसी की शिकायत थी। इसके अलावा, मीडिया रिपोर्ट्स में राज्य के भीतर एक और मौत का दावा किया जा रहा है।

इन दो मौतों के बाद आंध्र प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। संक्रमित इलाकों में तुरंत रैपिड रिस्पॉन्स टीमें (RRT) तैनात कर दी गई हैं। इसके साथ ही सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार रखने और संदिग्धों की सैंपलिंग तेज करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

ओडिशा में ‘SARI’ और ‘ILI’ मरीजों पर पैनी नजर, जीनोम सीक्वेंसिंग के निर्देश

आंध्र प्रदेश की इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए ओडिशा के स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी कमर कस ली है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भले ही राज्य में अब तक के सभी सैंपल निगेटिव आए हैं और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन सीमावर्ती इलाकों और अस्पतालों में निगरानी पहले से कहीं ज्यादा सख्त कर दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग की नई गाइडलाइन: “राज्य के सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में सांस की गंभीर बीमारी (SARI) से पीड़ित होकर आने वाले हर मरीज का कोरोना टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही, सामान्य सर्दी-खांसी या फ्लू (ILI) के लक्षणों वाले हर 100 में से कम से कम 5 मरीजों की रैंडम जांच की जाएगी।”

अधिकारियों के मुताबिक, यदि कोई भी मरीज कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसके सैंपल को तुरंत विशेष लैब में जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजा जाएगा, ताकि कोरोना के नए वैरिएंट (रूप) का समय रहते पता लगाया जा सके।

केंद्र की गाइडलाइन लागू, स्वास्थ्य विभाग ने जनता से की खास अपील

ओडिशा सरकार इस उभरते खतरे से निपटने के लिए केंद्र सरकार की पुरानी और प्रभावी गाइडलाइंस का सख्ती से पालन कर रही है। राज्य के सभी जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को साफ हिदायत दी गई है कि जांच, ट्रैकिंग और रिपोर्टिंग में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से पैनिक न होने यानी न घबराने की अपील की है। डॉक्टरों का कहना है कि पैनिक होने के बजाय सावधानी बरतना ही इसका सबसे बड़ा इलाज है। यदि किसी व्यक्ति को लगातार बुखार, सूखी खांसी, गले में खराश या सांस फूलने जैसी समस्या महसूस हो, तो वह खुद से दवा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर को दिखाए। भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचने और साफ-सफाई व हाथ धोने की आदत को फिर से अपनाने की सलाह दी गई है।

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