Saturday , 11 July 2026

राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड के बाद बड़ा एक्शन: चंपत राय की डिजिटल ID ब्लॉक, अब महंत दिनेंद्र दास के हाथ में होगी VIP पास की कमान!

अयोध्या। अयोध्या के प्रसिद्ध राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में मचे हड़कंप के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर प्रशासनिक सर्जरी का दौर तेजी से शुरू हो गया है। पूर्व महासचिव चंपत राय के इस्तीफे के बाद अब ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास को एक बहुत बड़ी और अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंदिर के अंदरुनी सिस्टम को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासनिक अधिकारों में बड़ा फेरबदल किया गया है। इसके तहत महंत दिनेंद्र दास के अधिकारों का दायरा बढ़ाते हुए उनकी नई डिजिटल आईडी जनरेट कर दी गई है और अब रामलला के दर्शन के लिए मिलने वाले तमाम वीआईपी (VIP) पास सिर्फ और सिर्फ उन्हीं की आईडी से जारी किए जा सकेंगे।

चंपत राय और अनिल मिश्रा की डिजिटल आईडी हुई डिएक्टिवेट, वीआईपी पास सिस्टम पर कड़ा पहरा

चढ़ावा चोरी का सनसनीखेज मामला सामने आने के बाद से ही राम मंदिर ट्रस्ट की सुरक्षा और प्रबंधन पर लगातार तीखे सवाल उठ रहे थे। इसी कड़ी में गुरुवार को ट्रस्ट ने एक बेहद कड़ा और बड़ा कदम उठाया। ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोपाल राव की डिजिटल आईडी को तत्काल प्रभाव से निष्क्रिय (डिएक्टिवेट) कर दिया गया है, ताकि ये लोग भविष्य में किसी भी तरह का वीआईपी पास जारी न कर सकें। इस कार्रवाई के ठीक अगले दिन यानी आज महंत दिनेंद्र दास को यह विशेष अधिकार सौंपकर उनके हाथ मजबूत कर दिए गए हैं।

मुख्य आरोपी टिन्नू यादव ने किया था पुरानी व्यवस्था का दुरुपयोग, जांच एजेंसियां हैरान

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पूरे चढ़ावा प्रकरण के मुख्य आरोपियों में से एक टिन्नू यादव ने पुरानी वीआईपी पास व्यवस्था की कमियों का जमकर फायदा उठाया था। आरोपी ने इसी लूपहोल का इस्तेमाल कर बेहद शातिर तरीके से बड़ी संख्या में अवैध वीआईपी पास जारी करवाए थे। फिलहाल, इस गंभीर वित्तीय गड़बड़ी के बाद देश की प्रमुख जांच एजेंसियां वीआईपी पास जारी करने वाले इस पूरे डिजिटल सिस्टम और सॉफ्टवेयर की गहनता से पड़ताल कर रही हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की सेंधमारी को रोका जा सके।

22 जुलाई को ट्रस्ट की महाबैठक: बदल जाएगी दर्शन से लेकर चढ़ावा प्रबंधन की पूरी व्यवस्था

आगामी 22 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बेहद महत्वपूर्ण और निर्णायक बैठक होने जा रही है। इस महाबैठक के बाद राम मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन की व्यवस्था, पूजा-पद्धति, राग-भोग, चढ़ावा प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और भक्तों को मिलने वाली सुविधाओं में आमूल-चूल और ऐतिहासिक बदलाव लागू किए जाएंगे। संतों और रामानंदीय परंपरा के प्रकांड विद्वानों द्वारा दिए गए खास सुझावों के आधार पर अब पूरे मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी, अनुशासित, आधुनिक और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने की तैयारी है। इस बैठक में ट्रस्ट के नए महासचिव की नियुक्ति और खाली पड़े पदों पर नए सदस्यों के चयन पर भी अंतिम मुहर लगना तय माना जा रहा है।

रामानंदीय परंपरा के तहत पूजा-पद्धति और मंदिर एंट्री के नियमों में होगा बड़ा सुधार

ट्रस्ट का मुख्य उद्देश्य रामलला की पूजा-पद्धति को पूर्ण रूप से रामानंदीय परंपरा के अनुरूप और अधिक व्यवस्थित करना है। इसके साथ ही भोग लगाने की व्यवस्था को बेहतर बनाने, दानपात्र और चढ़ावे के सटीक प्रबंधन को पारदर्शी बनाने तथा पूरी प्रशासनिक प्रणाली को आधुनिक व जवाबदेह बनाने पर गंभीरता से मंथन चल रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण और सेवादारों के कामकाज के नियमों में भी कड़े सुधार किए जा रहे हैं।

13 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में होगी इस महाघोटाले पर अहम सुनवाई

इस पूरे प्रशासनिक फेरबदल के बीच दिल्ली से भी एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। आगामी 13 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित तौर पर हुई वित्तीय अनियमितताओं और चढ़ावा चोरी की स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा। यह बेहद संवेदनशील मामला देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की विशेष बेंच के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।

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