Friday , 3 July 2026

अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी कांड में बड़ा खुलासा: वाराणसी की एजेंसी से जुड़े तार, SBI के चीफ मैनेजर पर फूटा ठीकरा

वाराणसी/अयोध्या: भव्य अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में हुई हेराफेरी और चोरी के मामले में हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। अब इस पूरे मामले का सीधा कनेक्शन धर्मनगरी वाराणसी से जुड़ गया है। विशेष जांच दल (SIT) की ताबड़तोड़ कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए 18 आरोपियों में से 6 आरोपी बनारस की एक नामी सिक्योरिटी एजेंसी से भर्ती किए गए थे। इस खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है, हालांकि संबंधित सिक्योरिटी एजेंसी ने इस पूरे मामले से खुद को पूरी तरह अलग कर लिया है।

हाउसकीपिंग के नाम पर हुई थी भर्ती, बैंक में थमा दी नोटों की गड्डियां

वाराणसी की इस प्रतिष्ठित सिक्योरिटी सर्विसेज एजेंसी के संचालक गौरव सिंह ने मामले पर अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी द्वारा कुल 22 कर्मचारियों की नियुक्ति की गई थी, जिन्हें केवल हाउसकीपिंग (साफ-सफाई) के काम के लिए अयोध्या भेजा गया था। संचालक का कहना है कि वहां उन कर्मचारियों से क्या काम कराया जा रहा था, इसकी उन्हें कानों-कान खबर नहीं थी। उन्होंने सीधे तौर पर बैंक प्रबंधन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह पूरी तरह से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की जिम्मेदारी थी कि वह इन कर्मचारियों से सिर्फ हाउसकीपिंग का काम करवाए, लेकिन उनसे राम मंदिर के चढ़ावे की रकम गिनने जैसा संवेदनशील काम क्यों कराया जा रहा था, यह बड़ा सवाल है।

बिना पुलिस वेरिफिकेशन के ही भेज दिया अयोध्या, एसबीआई के तत्कालीन चीफ मैनेजर पर गंभीर आरोप

इस पूरे मामले में सबसे बड़ी लापरवाही और नियम-कानूनों को ताक पर रखने की बात भी सामने आई है। एजेंसी संचालक गौरव सिंह का आरोप है कि अयोध्या की एसबीआई शाखा के तत्कालीन मुख्य प्रबंधक (चीफ मैनेजर) के विशेष अनुरोध और सिफारिश पर ही इन 22 कर्मचारियों की भर्ती की गई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि बिना किसी पुलिस सत्यापन (Police Verification) के ही एजेंसी ने इन सभी को रिक्रूट कर अयोध्या भेज दिया। संचालक का दावा है कि इन सभी कर्मचारियों के नाम और बायोडाटा खुद एसबीआई शाखा की ओर से उपलब्ध कराए गए थे, जिनमें से कई लोग पहले किसी अन्य एजेंसी के माध्यम से बैंक में काम कर रहे थे। बैंक की सूची मिलने के बाद ही इन्हें उनकी कंपनी के पेरोल पर रखा गया था।

26 साल पुरानी प्रतिष्ठित एजेंसी की साख दांव पर, एसआईटी की रडार पर सुपरवाइजर

राम मंदिर के चढ़ावे की राशि गिनने के दौरान हुई इस चोरी में वाराणसी कनेक्शन सामने आने के बाद एसआईटी बेहद गंभीर है। जांच टीम ने अब कंपनी के सुपरवाइजर को भी अपनी रडार पर ले लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है। गौरतलब है कि यह सिक्योरिटी एजेंसी लगभग 26 साल पुरानी है और देश के 8 राज्यों में हाउसकीपिंग, सिक्योरिटी और कैश लॉजिस्टिक के क्षेत्र में काम करती है। मौजूदा समय में इस कंपनी में करीब 2000 कर्मचारी कार्यरत हैं। एजेंसी के मालिकों का कहना है कि वे मंदिर के संचालन या उसकी आंतरिक व्यवस्था से जुड़े किसी भी काम का ठेका नहीं लेते हैं। बैंक ने उनके भेजे गए हाउसकीपिंग स्टाफ से किस तरह का काम लिया, इसकी जांच अब एसआईटी के पाले में है।

 

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