Wednesday , 24 June 2026

बंगाल में घुसपैठियों पर सीएम सुवेंदु अधिकारी का ‘महा-एक्शन’, 1.5 महीने में 10 हजार बांग्लादेशी डिपोर्ट; बोले- जेल नहीं, सीधे सीमा पार भेजेंगे!

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अगुवाई वाली नई सरकार अवैध घुसपैठियों के खिलाफ बेहद आक्रामक रुख अपनाए हुए है। विधानसभा में बोलते हुए सीएम सुवेंदु अधिकारी ने साफ कर दिया है कि राज्य सरकार अवैध प्रवासियों को बाहर निकालने के लिए केंद्र सरकार की ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ (पहचान करो, हटाओ और बाहर भेजो) की नीति पर मजबूती से आगे बढ़ रही है और इससे किसी भी हाल में पीछे नहीं हटा जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सदन में आधिकारिक आंकड़े पेश करते हुए बताया कि अब तक कितने अवैध घुसपैठियों को वापस भेजा जा चुका है।

डेढ़ महीने में 10 हजार अवैध प्रवासी भेजे गए वापस, 1800 अभी भी होल्डिंग सेंटर में

विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बड़े खुलासे किए। उन्होंने बताया कि बंगाल में नई सरकार के गठन के मात्र डेढ़ महीने के भीतर ही बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ने तत्परता दिखाते हुए लगभग 10 हजार अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को सीमा पार वापस भेज दिया है। इसके साथ ही, उन्होंने बताया कि वर्तमान में राज्य के 12 अलग-अलग होल्डिंग सेंटरों में 1800 घुसपैठियों को रखा गया है, जिन्हें कानूनी प्रक्रिया पूरी होते ही बहुत जल्द बांग्लादेश डिपोर्ट कर दिया जाएगा।

‘जेल में रखकर खिलाने का सवाल नहीं, पकड़े गए तो सीधे बॉर्डर पार’

मुख्यमंत्री ने अवैध रूप से रह रहे लोगों को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार की कड़ाई और खौफ के कारण पहले ही कई लोग खुद ही सीमा पार भाग चुके हैं। उन्होंने दो टूक कहा, “बाकी बचे लोगों को अगर जाना है, तो वे भी खुद चले जाएं। किसी भी घुसपैठिए को भारतीय जेलों में रखकर सरकारी खर्च पर पालने या सजा देने का कोई सवाल ही नहीं उठता। अब जैसे ही कोई घुसपैठिया पकड़ा जाएगा, उसे बिना किसी देरी के सीधे बीएसएफ (BSF) को सौंप दिया जाएगा ताकि उन्हें फौरन डिपोर्ट किया जा सके।”

असली भारतीय नागरिकों को डरने की जरूरत नहीं, चाहे उनका धर्म कोई भी हो

सदन में सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए सीएम सुवेंदु ने स्पष्ट किया कि भारत के असली और वैध नागरिकों को इस अभियान से रत्ती भर भी घबराने या चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे किस धर्म, जाति या समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, या फिर उनका राजनीतिक झुकाव किस पार्टी की तरफ है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि सरकार की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल और केवल भारतीय नागरिकों को ही मिलेगा। किसी भी अवैध प्रवासी को भारतीय करदाताओं के पैसे या योजनाओं के फंड पर डाका नहीं डालने दिया जाएगा।

पूर्ववर्ती टीएमसी सरकार पर बरसे सीएम सुवेंदु, सीमा सुरक्षा को लेकर दागे गंभीर सवाल

अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार को जमकर आड़े हाथों लिया। उन्होंने तीखे सवाल दागते हुए पूछा कि आखिर इतने सालों तक पिछली सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर कटीले तार (बाड़) लगाने और सीमा सुरक्षा पुख्ता करने के लिए बीएसएफ को जरूरी जमीन क्यों नहीं मुहैया कराई? उन्होंने अपनी सरकार की पीठ थपथपाते हुए कहा कि हमने सत्ता संभालते ही डेढ़ महीने से भी कम समय में बीएसएफ को 142.79 एकड़ जमीन सौंप दी है। अब बहुत जल्द अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाने का काम युद्धस्तर पर पूरा किया जाएगा, जिससे घुसपैठ पर हमेशा के लिए लगाम लगाई जा सके।

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