Saturday , 13 June 2026

लखनऊ में बड़ा एक्शन: नौकरी के नाम पर चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, तीन सगी बहनों समेत 5 जालसाज गिरफ्तार; ऐसे फंसाते थे बेरोजगारों को

लखनऊ (विभूति खंड): उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की पुलिस ने देश के बेरोजगार नौजवानों को अपना शिकार बनाने वाले एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर रैकेट का पर्दाफाश किया है। लखनऊ पुलिस की क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए विभूति खंड इलाके में चल रहे इस अवैध कॉल सेंटर पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने तीन सगी बहनों सहित कुल पांच शातिर जालसाजों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह गिरोह नौकरी की तलाश कर रहे सीधे-साधे युवाओं को बड़े-बड़े दावों के जाल में फंसाकर उनसे लाखों रुपये की अवैध वसूली कर रहा था।

हाईटेक तरीके से युवाओं का डेटा चुराकर रचते थे साजिश

आईपीएस एडीसीपी क्राइम किरण यादव ने इस बड़े खुलासे की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस की टीम को काफी समय से इस फर्जी कॉल सेंटर के सक्रिय होने का इनपुट मिल रहा था। यह शातिर गिरोह देश में बढ़ रही बेरोजगारी का फायदा उठाकर कम समय में अमीर बनने के लालच में इस अनैतिक और अवैध धंधे को अंजाम दे रहा था। पूछताछ में सामने आया है कि ये जालसाज नामचीन जॉब पोर्टल्स और वेबसाइट्स से नौकरी की तलाश कर रहे युवक-युवतियों के बायोडाटा (डॉक्यूमेंट्स) और मोबाइल नंबर अवैध रूप से डाउनलोड कर लेते थे। इसके बाद खेल शुरू होता था फर्जी कॉल और झांसे का।

नामी कंपनियों का हवाला देकर थमाते थे फर्जी जॉइनिंग लेटर

डेटा हाथ लगते ही इस कॉल सेंटर में बैठीं लड़कियां खुद को बड़ी और प्रतिष्ठित नौकरी प्रदाता एजेंसियों (जॉब कंसल्टेंसी) का प्रतिनिधि बताकर युवाओं को फोन करती थीं। युवाओं का भरोसा जीतने के लिए उन्हें वीआईपी नौकरियों का ऑफर दिया जाता था। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, फाइल चार्ज, मेडिकल टेस्ट और सिक्योरिटी मनी के नाम पर अलग-अलग किश्तों में उनके बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए जाते थे। हद तो तब हो जाती थी जब युवाओं को पूरी तरह आश्वस्त करने के लिए ये लोग बकायदा फर्जी जॉइनिंग लेटर और अपॉइंटमेंट लेटर तक तैयार कर उन्हें थमा देते थे।

छापेमारी में भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स और दस्तावेज बरामद

एडीसीपी क्राइम के मुताबिक, पुख्ता जानकारी मिलने के बाद जब पुलिस की विशेष टीम ने विभूति खंड स्थित इस फर्जी कॉल सेंटर पर औचक छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। मौके पर कॉलिंग का पूरा सेटअप तैयार था। पुलिस ने घटना स्थल से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स, कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, फर्जी जॉइनिंग लेटर्स का पुलिंदा, कॉलिंग डेटा शीट और कई अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस अब इन गैजेट्स को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अब तक यह गैंग कितने लाख या करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दे चुका है।

पुलिस की युवाओं से अपील: शॉर्टकट और फर्जी कॉल से रहें सावधान

लखनऊ पुलिस ने इस बड़ी कामयाबी के बाद आम जनता और खासकर नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक जरूरी सलाह भी जारी की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अनजान नंबर से आने वाली नौकरी की कॉल पर तुरंत भरोसा न करें। कोई भी प्रतिष्ठित कंपनी या सरकारी विभाग नौकरी देने के बदले पैसों की मांग नहीं करता है। अगर कोई पैसे मांगकर जॉइनिंग लेटर देने का दावा करता है, तो तुरंत नजदीकी थाने या साइबर सेल में इसकी शिकायत दर्ज कराएं। फिलहाल गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजने की तैयारी की जा रही है और गिरोह के अन्य कड़ियों को भी खंगाला जा रहा है।

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