Friday , 12 June 2026

भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर भारी बवाल! मेघालय सीमा पर आमने-सामने आए दोनों देश, कटीली तारों के पार भीषण पथराव से कड़ा तनाव

नई दिल्ली/शिलांग: भारत और पड़ोसी देश बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा से एक बेहद चिंताजनक और हिंसक झड़प की खबर सामने आ रही है। पूर्वोत्तर राज्य मेघालय से लगती भारत-बांग्लादेश सीमा पर बुधवार को अचानक भारी बवाल और घमासान शुरू हो गया। सीमा सुरक्षा बल (BSF) द्वारा एक बांग्लादेशी घुसपैठिए को वापस भेजने (पुशबैक) की सुरक्षात्मक कार्रवाई के बाद सीमा के दोनों ओर से सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। देखते ही देखते कटीली तारों के आर-पार भीषण पथराव शुरू हो गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई।

गारो हिल्स के महेंद्रगंज बॉर्डर पर भड़की हिंसा

यह पूरी हिंसक घटना मेघालय के दक्षिण पश्चिम गारो हिल्स जिले के अंतर्गत आने वाले महेंद्रगंज क्षेत्र के ‘नंदिर चार’ सीमा इलाके की है। स्थानीय सूत्रों और सीमावर्ती सुरक्षा रिपोर्टों के अनुसार, एक बांग्लादेशी नागरिक ने अवैध रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा को लांघकर भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने की हिमाकत की थी। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और बीएसएफ के जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत उस घुसपैठिए को दबोच लिया। इसके बाद कानूनी और तय सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत बीएसएफ ने उसे बांग्लादेश की ओर वापस भेजने (पुशबैक) की निर्धारित प्रक्रिया शुरू की।

बांग्लादेशी सेना के अड़ियल रुख से कटीली बाड़ के पास फंसा नागरिक

बीएसएफ की यह सामान्य और कूटनीतिक प्रक्रिया उस समय एक बेहद हिंसक और पेचीदा विवाद में तब्दील हो गई, जब बांग्लादेश सीमा रक्षक बल (BGB) और वहां के स्थानीय नागरिकों ने अपने ही देश के बंदे को पहचानने से इनकार कर दिया। बीजीबी ने उस व्यक्ति को अपना नागरिक मानने और उसे अपने क्षेत्र में स्वीकार करने से पूरी तरह मना कर दिया। बांग्लादेशी सेना के इस अड़ियल और गैर-जिम्मेदाराना रुख के कारण वह व्यक्ति दोनों देशों की अंतरराष्ट्रीय सीमा के बीच लगी कटीली फेंसिंग (बाड़) के पास ही फंसा रह गया, जिससे पूरे इलाके में सस्पेंस और सनसनी फैल गई।

खुद को बताया बांग्लादेशी, फिर भी अपनी ही सेना ने मोड़ा मुंह

स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि पकड़े गए व्यक्ति ने स्वयं रो-रोकर खुद को बांग्लादेश का मूल नागरिक बताया था, लेकिन इसके बावजूद बांग्लादेशी सुरक्षा बल अपने ही नागरिक को अपनाने से पीछे हट गए। इस घटना की खबर आग की तरह सीमावर्ती गांवों में फैल गई। देखते ही देखते दोनों देशों की सीमा के पास सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण और उपद्रवी जमा हो गए। माहौल बेहद संवेदनशील और सुरक्षा के लिहाज से तनावपूर्ण हो गया। सीमा पर जुटी इस अनियंत्रित भीड़ के बीच पहले तीखी कहासुनी हुई और फिर अचानक दोनों ओर से लाठी-डंडे और पत्थर चलने लगे।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो, हाई अलर्ट पर सुरक्षा बल

इस अप्रत्याशित पथराव की घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो तेजी से वायरल होने लगे हैं। इन वीडियो में सीमा के दोनों ओर भारी संख्या में लोगों की उग्र मौजूदगी और कटीली तारों के पास पत्थरबाजी का बेहद तनावपूर्ण माहौल साफ तौर पर देखा जा सकता है। हालांकि, जिला प्रशासन और बीएसएफ ने अभी तक इन वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और इनकी गहनता से जांच की जा रही है। गनीमत यह रही कि इस पत्थरबाजी में किसी के गंभीर रूप से घायल होने की तत्काल कोई सूचना नहीं है।

हालात काबू में करने के लिए बुलाई गई फ्लैग मीटिंग

भारत की 4,000 किलोमीटर से अधिक लंबी बांग्लादेशी सीमा पर पूरी तरह मुस्तैद बीएसएफ के उच्चाधिकारियों का कहना है कि फिलहाल हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं। विवाद को शांत करने और गतिरोध को समाप्त करने के लिए दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच फ्लैग मीटिंग (Flag Meeting) बुलाई गई है। बीएसएफ और बीजीबी के आला अधिकारी स्थापित द्विपक्षीय प्रोटोकॉल के अनुसार लगातार एक-दूसरे के संपर्क में हैं। संवेदनशील नंदिर चार सीमा क्षेत्र में भारी संख्या में अतिरिक्त जवानों की कुमुक तैनात कर गश्त बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।

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