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महाराष्ट्र की राजनीति में महाभूकंप! ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत उद्धव गुट के सांसद शिंदे के संपर्क में? दिल्ली दौरे के बाद मची खलबली

मुंबई/दिल्ली: महाराष्ट्र की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के हालिया दिल्ली दौरे के बाद सूबे की राजनीति में एक बार फिर भारी उथल-पुथल के संकेत मिल रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में इस वक्त सबसे ज्यादा चर्चा ‘ऑपरेशन टाइगर’ की हो रही है। सूत्रों से मिली बेहद पुख्ता जानकारी के अनुसार, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) के सात मौजूदा सांसदों ने दिल्ली में गुप्त रूप से एकनाथ शिंदे से मुलाकात की है। इस खबर के सामने आने के बाद से महाविकास अघाड़ी के खेमे में हड़कंप मच गया है।

बड़े पदों और मंत्री पद का मिला ऑफर?

राजनीतिक गलियारों में तैर रही खबरों के मुताबिक, उद्धव गुट के जिन सात सांसदों ने शिंदे से मुलाकात की है, उन्हें पाला बदलने के बदले बड़े ऑफर दिए गए हैं। दावा किया जा रहा है कि इनमें से एक प्रमुख सांसद को केंद्र में मंत्री पद और अन्य सांसदों को बेहद महत्वपूर्ण सांगठनिक व सरकारी पदों का प्रस्ताव दिया गया है। हालांकि, अभी तक शिंदे गुट या उद्धव ठाकरे की शिवसेना की तरफ से इस मुलाकात और दावों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन पर्दे के पीछे की इस हलचल ने कड़ाके की ठंड में भी सियासी पारा हाई कर दिया है।

विनायक राऊत के सनसनीखेज आरोप से बढ़ी हलचल

इस पूरे मामले पर ठाकरे गुट की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है। उद्धव गुट के पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता विनायक राऊत ने शिंदे गुट पर बेहद गंभीर और सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। राऊत ने सीधा हमला बोलते हुए कहा कि शिंदे गुट लगातार उनके सांसदों को अपने पाले में लाने के लिए साम-दाम-दंड-भेद का इस्तेमाल कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय सत्ता के राजनीतिक दबाव और बड़े-बड़े पदों का लालच देकर शिवसेना (UBT) के सांसदों को तोड़ने का गंदा खेल खेला जा रहा है।

शिर्डी सम्मेलन से गायब रहे ये सांसद, सस्पेंस गहराया

इस पूरे विवाद के बीच आग में घी डालने का काम शिर्डी में आयोजित ठाकरे गुट के एक बड़े और महत्वपूर्ण सम्मेलन ने कर दिया। इस महा-सम्मेलन में शिर्डी के स्थानीय सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे की अनुपस्थिति ने इन अटकलों को और ज्यादा हवा दे दी है। जब मीडिया ने सम्मेलन में शामिल न होने और ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत पाला बदलने को लेकर वाकचौरे से सीधे सवाल पूछे, तो उन्होंने इस विषय पर कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया। उनकी इस चुप्पी को राजनीति के जानकार बेहद रहस्यमयी मान रहे हैं।

दिल्ली में एनडीए की बदलती राजनीति का खेल

सूत्रों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम के तार राष्ट्रीय स्तर पर बदल रही राजनीति से जुड़े हैं। दिल्ली के गलियारों में चर्चा है कि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITMC) के भी कुछ सांसद एक अलग समूह बनाकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने का मन बना रहे हैं। जानकारों का कहना है कि अगर ऐसा होता है, तो केंद्र सरकार में एनडीए की स्थिति बेहद मजबूत हो जाएगी। ऐसी स्थिति में एन. चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी और खुद एकनाथ शिंदे की पार्टी की सौदेबाजी (Bargaining Power) की ताकत थोड़ी कम हो सकती है। यही वजह है कि शिंदे समय रहते अपने संसदीय समर्थन को और मजबूत करने के लिए ‘ऑपरेशन टाइगर’ को अंजाम देने में जुटे हैं।

लोकसभा चुनाव में उद्धव गुट के ये 9 सांसद जीते थे

हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव में उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महाराष्ट्र की 9 सीटों पर परचम लहराया था। इन विजयी सांसदों की सूची इस प्रकार है:

  • अरविंद सावंत- दक्षिण मुंबई

  • अनिल देसाई- दक्षिण मध्य मुंबई

  • ओमराजे निंबालकर- धाराशिव

  • संजय देशमुख- यवतमाल-वाशिम

  • नागेश पाटिल अष्टिकर- हिंगोली

  • संजय जाधव- परभणी

  • राजाभाऊ वाजे– नासिक

  • भाऊसाहेब वाकचौरे- शिर्डी

  • संजय दीना पाटिल- उत्तर-पूर्व मुंबई

फिलहाल ‘ऑपरेशन टाइगर’ और सांसदों के इस कथित दलबदल को लेकर किसी भी तरफ से कोई ऑन-रिकॉर्ड बयान नहीं आया है। लेकिन दिल्ली से लेकर मुंबई तक की राजनीतिक सरगर्मियां गवाही दे रही हैं कि आने वाले दिन महाराष्ट्र की राजनीति के लिए बेहद निर्णायक होने वाले हैं। अब देखना होगा कि उद्धव ठाकरे अपने इस कुनबे को बचा पाते हैं या शिंदे एक बार फिर बड़ा ‘खेला’ करने में कामयाब होते हैं।

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