
लखनऊ, ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में समाज कल्याण विभाग की निःशुल्क आईएएस/पीसीएस आवासीय कोचिंग योजना प्रदेश के होनहार युवाओं के लिए उम्मीद की एक नई और सुनहरी किरण बनकर उभरी है। अगस्त 2026 से शुरू होने वाले नए सत्र के तहत अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को देश और राज्य की सबसे प्रतिष्ठित प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी करने का शानदार अवसर मिल रहा है। इस बेहतरीन मौके को लेकर युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में लगातार बढ़ती रिकॉर्ड भागीदारी इसकी लोकप्रियता का सबसे बड़ा प्रमाण है।
865 सीटों पर मिलेगा फ्री प्रशिक्षण, मेधावियों के लिए 25% सीटें रिजर्व
समाज कल्याण विभाग के निदेशक संजीव सिंह ने बताया कि प्रदेश भर में इस योजना के अंतर्गत कुल 865 सीटें निर्धारित की गई हैं। इस बार सरकार ने एक बेहद खास व्यवस्था की है, जिसके तहत कुल सीटों में से 25 प्रतिशत सीटें ‘लेटरल एंट्री’ के लिए आरक्षित रखी गई हैं। इसका सीधा फायदा उन छात्र-छात्राओं को मिलेगा जो सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा (Pre Exam) पहले ही क्वालीफाई कर चुके हैं। इससे मुख्य परीक्षा (Mains) की तैयारी कर रहे गंभीर अभ्यर्थियों को विशेषज्ञ शिक्षकों के माध्यम से बेहद सटीक और बेहतर मार्गदर्शन मिल सकेगा।
18 जून तक खुला है आवेदन का मौका, 5 जुलाई को होगी प्रवेश परीक्षा
योगी सरकार की इस योजना का लाभ उठाने के लिए युवाओं की होड़ मची हुई है। ताजा विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, महज 1 जून तक ही कुल 5,513 अभ्यर्थियों ने अपना पंजीकरण करा लिया है, जिनमें से 2,848 युवाओं ने अपनी आवेदन प्रक्रिया को अंतिम रूप देते हुए फॉर्म फाइनल लॉक भी कर दिया है। यदि आप भी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो इच्छुक अभ्यर्थी आगामी 18 जून 2026 तक ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद अभ्यर्थियों के चयन के लिए 5 जुलाई 2026 को प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें पास होने वाले मेधावियों को फ्री आवासीय कोचिंग दी जाएगी।
महंगी कोचिंग की टेंशन खत्म, रहने-खाने से लेकर पढ़ाई तक सब मुफ्त
आज के दौर में सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी के लिए दिल्ली या प्रयागराज जैसे बड़े शहरों के निजी कोचिंग संस्थानों में लाखों रुपये की भारी-भरकम फीस चुकानी पड़ती है। आर्थिक रूप से कमजोर, ग्रामीण और वंचित वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों के लिए इतनी बड़ी रकम जुटा पाना एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में योगी सरकार की यह निःशुल्क आवासीय कोचिंग योजना इन युवाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस योजना का एकमात्र उद्देश्य पैसे के अभाव में पीछे छूटने वाली प्रतिभाओं को गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन, बेहतरीन स्टडी मटेरियल और अनुभवी विशेषज्ञों की कक्षाएं उपलब्ध कराकर उन्हें सफलता के शिखर तक पहुंचाना है।
पारदर्शी चयन प्रक्रिया से प्रशासनिक सेवाओं में बढ़ेगा सामाजिक समावेशन
समाज कल्याण विभाग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ इस चयन प्रक्रिया को पूरा करने में जुटा है। योगी सरकार की प्राथमिकता बिल्कुल साफ है कि आर्थिक तंगी या संसाधनों का अभाव किसी भी प्रतिभाशाली छात्र के सपनों की उड़ान में बाधा नहीं बनना चाहिए। सरकार की यह अनूठी पहल न केवल गरीब और जरूरतमंद युवाओं के लिए अफसरों की कुर्सी तक पहुंचने के नए द्वार खोल रही है, बल्कि भारतीय प्रशासनिक सेवाओं में सामाजिक समावेशन को भी जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान कर रही है।
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