Friday , 29 May 2026

अजमेर में खौफनाक ‘इंतकाम’: एक ही घर में रहने वाली पहली पत्नी ने दो बच्चों संग मिलकर पति, सौतन और सास को उतारा मौत के घाट, हाईवे पर स्कॉर्पियो में फूंक दी लाशें

अजमेर: राजस्थान के अजमेर जिले के बोराडा थाना इलाके से शुक्रवार की सुबह एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे सूबे को हिलाकर रख दिया है। श्रीरामपुरा गांव के पास हाईवे के किनारे धूं-धूं कर जलती एक स्कॉर्पियो कार मिली, जिसे देखकर शुरुआत में लगा कि यह शॉर्ट सर्किट या किसी भीषण हादसे का शिकार हुई है। लेकिन जब पुलिस ने कार के भीतर और आसपास का मंजर देखा, तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। कार के भीतर तीन कंकाल बन चुके शव थे, जबकि चौथा शव कुछ दूरी पर खेत में लहूलुहान हालत में पड़ा था। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, हादसे का मुखौटा उतरा और सामने आया साज़िश और रंजिश का एक ऐसा खौफनाक खेल, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए।

दो पत्नियों के साथ रहता था राम सिंह, घर में सुलग रही थी नफरत की आग

पुलिस की तफ्तीश में जो सच बाहर आया है, उसके मुताबिक यह कोई सड़क हादसा नहीं बल्कि ठंडे दिमाग से की गई चार लोगों की सामूहिक हत्या थी। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हत्याकांड का मास्टरमाइंड कोई बाहरी दुश्मन नहीं, बल्कि मृतक राम सिंह चौधरी की पहली पत्नी सुनीता थी। सुनीता ने इस खूनी खेल में अपने ही दो बच्चों (बेटी सरिता और 17 साल के नाबालिग बेटे) को भी शामिल कर लिया था। जानकारी के अनुसार, राम सिंह अपनी दोनों पत्नियों—सुनीता और सूर्यज्ञान देवी—के साथ एक ही मकान में रहता था। ग्रामीणों ने बताया कि दो पत्नियों के होने के कारण इस घर में लंबे समय से कलह चल रही थी। राम सिंह अक्सर शराब के नशे में धुत होकर पहली पत्नी सुनीता के साथ मारपीट करता था, जिससे सुनीता के भीतर इंतकाम की आग सुलग रही थी। बुधवार की रात भी घर से चीखने-चिल्लाने और बेरहमी से मारपीट की आवाजें आई थीं, जो इस खूनी अंजाम की आखिरी दस्तक साबित हुईं।

धारदार हथियारों से किया कत्लेआम, मां-बेटी और बेटे ने मिलकर लिखी खूनी इबारत

बुधवार रात जब मारपीट और विवाद हद से ज्यादा बढ़ गया, तो सुनीता के सब्र का बांध टूट गया। उसने अपनी बेटी सरिता और नाबालिग बेटे के साथ मिलकर खौफनाक साजिश को अंजाम दिया। तीनों ने मिलकर घर में रखे धारदार हथियारों से सो रहे राम सिंह चौधरी, उसकी दूसरी पत्नी (सौतन) सूर्यज्ञान देवी, बूढ़ी सास पूसी देवी और घर आई एक रिश्तेदार की बेटी महिमा पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इतना बर्बर था कि चारों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और तड़प-तड़पकर घर के भीतर ही उनकी मौत हो गई। कत्ल की इस वारदात के बाद पूरे घर में खून पसर गया और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

हादसे का रूप देने के लिए लाशों को कार में लादा, हाईवे पर लगाई आग

चार लोगों को मौत के घाट उतारने के बाद अब आरोपियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती लाशों को ठिकाने लगाने और कानून की आंखों में धूल झोंकने की थी। शातिर दिमाग सुनीता और उसके बच्चों ने इस सामूहिक हत्याकांड को एक ‘हादसे’ का रूप देने की योजना बनाई। उन्होंने चारों शवों को घसीटकर राम सिंह की ही स्कॉर्पियो कार में लादा। इसके बाद कार को घर से दूर श्रीरामपुरा गांव के पास हाईवे के किनारे ले गए। वहां सबूत मिटाने और पुलिस को गुमराह करने के इरादे से कार में आग लगा दी गई। आरोपियों को लगा था कि आग में जलकर सब कुछ स्वाहा हो जाएगा और पुलिस इसे कार का शॉर्ट सर्किट या एक्सीडेंट मानकर फाइल बंद कर देगी। लेकिन हड़बड़ाहट में एक शव कार से निकलकर थोड़ी दूर खेत में गिर गया, जिसने उनकी पूरी थ्योरी को फेल कर दिया।

ग्रामीणों की गवाही और एसपी की मुस्तैदी से खुली मर्डर की परतें

अजमेर के एसपी हर्षवर्धन ने बताया कि शुरुआत में मामला भले ही कार में आग लगने का लग रहा था, लेकिन पुलिस को घटनास्थल और शवों की स्थिति देखकर तुरंत शक हो गया। पुलिस ने जब श्रीरामपुरा गांव के स्थानीय लोगों से पूछताछ शुरू की, तो कड़ियां जुड़ती चली गईं। ग्रामीणों ने पुलिस को रात में हुए झगड़े, राम सिंह के पारिवारिक विवाद और घर से आने वाली आवाजों के बारे में अहम जानकारियां दीं। इन छोटी-छोटी जानकारियों को जोड़ते हुए पुलिस जब राम सिंह के घर पहुंची, तो शक यकीन में बदल गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पहली पत्नी सुनीता, उसकी बेटी सरिता और 17 वर्षीय नाबालिग बेटे को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अब आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि मर्डर में इस्तेमाल हथियारों को बरामद किया जा सके।

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