लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के बक्शी का तालाब (BKT) इलाके से एक बेहद ही हैरान और विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां के इंदौराबाग स्थित तेजस हॉस्पिटल में इलाज कराने आई 12वीं की एक छात्रा के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। इस हैवानियत की खबर फैलते ही पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए अस्पताल को तुरंत सील करने और आरोपी डॉक्टर के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
इलाज के बहाने ऑपरेशन थिएटर में ले जाकर दिया इंजेक्शन, फिर की दरिंदगी

मिली जानकारी के मुताबिक, 19 वर्षीय पीड़िता पिछले कुछ दिनों से तबीयत खराब होने की वजह से तेजस हॉस्पिटल में एडमिट थी। परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल के संचालक डॉ. विजय गिरी ने इलाज के बहाने छात्रा को ऑपरेशन थिएटर (OT) में बुलाया। वहां उसे एक इंजेक्शन दिया गया, जिससे वह अर्धबेहोश (नशे की हालत में) हो गई। पीड़िता का आरोप है कि जब वह खुद को संभालने की स्थिति में नहीं थी, तब डॉक्टर ने उसके साथ इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। होश में आने के बाद जब छात्रा ने आपबीती अपने परिवार को बताई, तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और अस्पताल परिसर में भारी हंगामा शुरू हो गया।
पुलिस ने आरोपी डॉक्टर को दबोचा, गंभीर धाराओं में केस दर्ज
अस्पताल में बढ़ते बवाल की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए आरोपी डॉक्टर विजय गिरी को फौरन हिरासत में ले लिया। पुलिस प्रशासन ने बिना देरी किए पीड़ित छात्रा का मेडिकल टेस्ट कराया और परिजनों की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की हर पहलू से बारीकी से जांच कर रही है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का कड़ा एक्शन: आयुर्वेदिक डिग्री भी होगी जब्त
इस शर्मनाक घटना पर संज्ञान लेते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने साफ कर दिया है कि सूबे में ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा है कि आरोपी डॉ. विजय गिरी का मेडिकल लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए और उसकी आयुर्वेदिक डिग्री को भी जब्त कर लिया जाए। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “उत्तर प्रदेश सरकार पीड़ित बेटी और उसके परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। आरोपी के खिलाफ ऐसी मिसाल कायम करने वाली कार्रवाई होगी कि वह भविष्य में कभी भी डॉक्टरी का पेशा नहीं कर पाएगा।”
इस वारदात ने एक बार फिर निजी अस्पतालों में महिला मरीजों की सुरक्षा और डॉक्टरों की निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल अस्पताल को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई को तेज कर दिया गया है।
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