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उत्तर भारत में मौसम का ‘महा-यू-टर्न’: आज से 14 मई तक बारिश, आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट; इन राज्यों में चलेगी भीषण लू

नई दिल्ली: उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सूरज की तपिश झेल रहे लोगों के लिए राहत और आफत की खबर एक साथ आई है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के चलते आज से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। 11 से 14 मई के बीच उत्तर भारत के एक बड़े हिस्से में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली आंधी, कड़कती बिजली और झमाझम बारिश का दौर शुरू होगा।

पहाड़ों पर बर्फबारी और ओलावृष्टि का डबल अटैक

मौसम विभाग के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आज से 14 मई के दौरान व्यापक स्तर पर हलचल देखी जाएगी। ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ बिजली चमकने का अनुमान है। विशेष रूप से सोमवार और मंगलवार को जम्मू-कश्मीर व लद्दाख में, जबकि 12 और 13 मई को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई जिलों में भारी ओलावृष्टि (Hailstorm) की चेतावनी जारी की गई है। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मैदानी इलाकों में धूल भरी आंधी और बारिश का अलर्ट

पहाड़ों पर होने वाले बदलाव का असर मैदानी राज्यों में भी दिखेगा। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 11 से 14 मई के बीच धूल भरी आंधी और छिटपुट बारिश की संभावना है। वहीं, उत्तर प्रदेश में 12 से 14 मई के दौरान मौसम करवट लेगा। 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चिलचिलाती गर्मी से राहत तो देंगी, लेकिन बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर विभाग ने ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।

एक तरफ राहत, दूसरी तरफ ‘हीटवेव’ का टॉर्चर

हैरानी की बात यह है कि जहां एक तरफ उत्तर भारत भीगने की तैयारी में है, वहीं पश्चिमी और मध्य भारत में सूरज आग उगलेगा। 15 मई तक पश्चिमी राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भीषण लू (Heatwave) चलने की आशंका है। इन इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है, जिससे दोपहर के समय घर से बाहर निकलना जोखिम भरा होगा।

दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत: कम दबाव का क्षेत्र बढ़ाएगा मुश्किलें

दक्षिण भारत में मानसून से पहले की सक्रियता बढ़ गई है। केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में अगले सात दिनों तक मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। 11 मई को दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की संभावना है, जिससे तटीय क्षेत्रों में समुद्र अशांत रहेगा। वहीं, पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय और त्रिपुरा समेत सात राज्यों में 15 मई तक बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा। बिहार और झारखंड में भी गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।

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