कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार का दिन एक ऐतिहासिक मोड़ लेकर आया. राज्य में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत के बाद आयोजित एक भव्य समारोह में शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली. राजभवन के प्रांगण में आयोजित इस समारोह में न केवल सत्ता का हस्तांतरण हुआ, बल्कि बीजेपी ने अपने मंत्रिमंडल के जरिए बंगाल के सामाजिक ताने-बाने को साधने की भी पूरी कोशिश की है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल और निशीथ प्रमाणिक जैसे कद्दावर नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ लेकर नई सरकार की नींव रखी.
ममता के ‘गढ़’ को ढहाने वाले शुभेंदु अब बंगाल के ‘कप्तान’
शुभेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री बनना बंगाल की राजनीति में एक बड़े युग परिवर्तन के समान है. कभी ममता बनर्जी के सबसे खास सिपहसालार रहे शुभेंदु ने बीजेपी में शामिल होने के बाद टीएमसी सुप्रीमो को उनके ही गढ़ नंदीग्राम में धूल चटाई थी. इस चुनाव में भी उन्होंने अपनी रणनीतिक कुशलता का लोहा मनवाया. दो बार ममता बनर्जी को मात देने का इनाम उन्हें राज्य की कमान सौंपकर दिया गया है. शपथ ग्रहण के बाद शुभेंदु ने कहा कि उनकी सरकार का मुख्य लक्ष्य बंगाल में ‘सोनार बांग्ला’ के सपने को हकीकत में बदलना और विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है.
दिलीप घोष और अग्निमित्रा पॉल: संगठन और ग्लैमर का मेल
शुभेंदु सरकार में कद्दावर नेता दिलीप घोष ने भी मंत्री पद की शपथ ली है. खड़गपुर सीट से शानदार जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे घोष को बंगाल में बीजेपी को शून्य से शिखर तक ले जाने का श्रेय दिया जाता है. वहीं, मंत्रिमंडल में महिला शक्ति का चेहरा बनीं अग्निमित्रा पॉल. मशहूर फैशन डिजाइनर से राजनीति में आईं अग्निमित्रा आसनसोल दक्षिण से दूसरी बार विधायक चुनी गई हैं. साल 2019 में बीजेपी का दामन थामने वाली अग्निमित्रा को बंगाल में पार्टी का एक मजबूत और प्रखर महिला चेहरा माना जाता है.
मातुआ और आदिवासी समाज को मिला बड़ा प्रतिनिधित्व
बीजेपी ने अपने मंत्रिमंडल विस्तार में ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे को जमीन पर उतारने की कोशिश की है. बनगांव उत्तर से लगातार दूसरी बार जीत दर्ज करने वाले अशोक कीर्तनिया को मंत्री बनाया गया है, जो मातुआ समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं. वहीं, रानीबांध से पहली बार विधायक बने खुदीराम टुडू को शामिल कर बीजेपी ने आदिवासी कार्ड खेला है. पेशे से सरकारी शिक्षक रहे खुदीराम टुडू बंगाल के जंगलमहल इलाके में काफी लोकप्रिय हैं.
निशीथ प्रमाणिक: केंद्र के अनुभव के साथ राज्य में नई पारी
कूचबिहार के पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री निशीथ प्रमाणिक ने भी कैबिनेट में जगह बनाई है. टीएमसी से अपना राजनीतिक सफर शुरू करने वाले निशीथ 2019 में बीजेपी में शामिल हुए थे. इस बार उन्होंने माथाभांगा सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की. केंद्र में काम करने का उनका लंबा अनुभव राज्य सरकार के प्रशासनिक कामकाज में काफी मददगार साबित हो सकता है.
इस नए मंत्रिमंडल में ब्राह्मण, महिला, मातुआ और आदिवासी समुदायों का संतुलन बिठाकर बीजेपी ने भविष्य की राजनीति के लिए एक मजबूत बिसात बिछा दी है.
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