
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। साल 2026 के विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत (207 सीटें) हासिल करने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 9 मई, शनिवार को अपनी पहली सरकार का गठन करने जा रही है। यह तारीख इसलिए भी खास है क्योंकि इस दिन नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती (रवींद्र जयंती) है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल अब भी यही बना हुआ है कि बंगाल का अगला ‘कैप्टन’ कौन होगा?
शुभेंदु अधिकारी: सीएम पद के सबसे प्रबल दावेदार
‘जायंट किलर’ के नाम से मशहूर शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं। उन्होंने भवानीपुर और नंदीग्राम जैसी हाई-प्रोफाइल सीटों पर ममता बनर्जी को सीधी टक्कर देकर अपनी ताकत साबित की है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के विधायक दल की बैठक 8 मई (शुक्रवार) को कोलकाता में हो सकती है, जिसमें उनके नाम पर मुहर लगने की संभावना है।
क्या भाजपा चलेगी ‘महिला सीएम’ का दांव?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा बंगाल में महिला सशक्तिकरण का संदेश देने के लिए किसी महिला चेहरे को भी मुख्यमंत्री बना सकती है। इस दौड़ में दो नाम प्रमुख हैं:
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अग्निमित्रा पॉल: आसनसोल दक्षिण से विधायक और मशहूर फैशन डिजाइनर रहीं अग्निमित्रा ने तृणमूल के तापस बनर्जी को करीब 41 हजार वोटों से हराया है। वह भाजपा महिला मोर्चा की कमान भी संभाल चुकी हैं।
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रूपा गांगुली: ‘महाभारत’ की द्रौपदी के रूप में प्रसिद्ध रूपा गांगुली ने सोनारपुर दक्षिण से बड़ी जीत दर्ज की है। वह पूर्व राज्यसभा सांसद भी रही हैं और बंगाल की जनता के बीच उनकी पहचान काफी मजबूत है।
इन नामों की भी है चर्चा
मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी के पास विकल्पों की कमी नहीं है। विधायक दल की रेस में ये नाम भी शामिल हैं:
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शमिक भट्टाचार्य: बंगाल भाजपा के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष।
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दिलीप घोष: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के कद्दावर नेता।
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उत्पल महाराज: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का एक प्रमुख और विश्वसनीय चेहरा।
अमित शाह को मिली पर्यवेक्षक की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री चुनने की प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए भाजपा आलाकमान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है। ये दोनों नेता कोलकाता पहुंचकर नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक करेंगे और अंतिम नाम पर चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चुनावी रैलियों में संकेत दिया था कि वह भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने खुद बंगाल आएंगे।
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