कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के ऐतिहासिक और चौंकाने वाले नतीजों के एक दिन बाद राज्य की राजनीति में उबाल आ गया है। 15 साल तक सत्ता की कमान संभालने वाली ममता बनर्जी ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ़ कर दिया कि वे फिलहाल इस्तीफा देने के लिए राजभवन नहीं जाएंगी। ममता ने कड़े शब्दों में कहा कि यह जनादेश नहीं, बल्कि भाजपा और चुनाव आयोग की ‘साठगांठ’ का परिणाम है।
गौरतलब है कि सोमवार को आए नतीजों में भाजपा ने 294 में से 207 सीटों पर प्रचंड जीत हासिल कर बंगाल में पहली बार अपनी सरकार सुनिश्चित की है, जबकि टीएमसी महज 80 सीटों पर सिमट गई है।
“मेरे पेट और पीठ पर लात मारी गई”
ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बेहद भावुक और आक्रामक रुख अपनाते हुए आरोप लगाया कि काउंटिंग सेंटर्स पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने कब्जा कर लिया था। उन्होंने कहा, “हमें चुनाव में हराया नहीं गया, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से हराया गया है। काउंटिंग के दौरान मुझे धक्का देकर बाहर निकाला गया, मेरे पेट और पीठ पर लात मारी गई। क्या यही लोकतंत्र है?”
ममता की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 5 सबसे बड़ी बातें:
1. “100 सीटों की लूट का आरोप”
ममता ने सीधा आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और भाजपा ने मिलकर SIR (Special Intervention Report) के बहाने टीएमसी की जीत वाली 100 सीटें लूट लीं। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर इस प्रक्रिया में सीधे तौर पर शामिल होने का आरोप लगाया और कहा कि चुनाव से पहले जानबूझकर अधिकारियों के तबादले और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियां की गईं।
2. “इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं उठता”
आमतौर पर हार के बाद मुख्यमंत्री राजभवन जाकर इस्तीफा सौंपते हैं, लेकिन ममता ने स्पष्ट किया— “मैं इस्तीफा नहीं दूंगी। आधिकारिक तौर पर चुनाव आयोग उन्हें विजेता घोषित कर सकता है, लेकिन नैतिक रूप से जीत हमारी हुई है। मैं नहीं मानती कि मैं हार चुकी हूं।”
3. “ऐसा अत्याचार वाजपेयी-मनमोहन के दौर में भी नहीं देखा”
पूर्व प्रधानमंत्रियों का जिक्र करते हुए ममता ने कहा कि उन्होंने राजीव गांधी से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी तक का दौर देखा है, लेकिन ऐसा प्रशासनिक अत्याचार पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने वर्तमान सरकार पर लोकतंत्र की मर्यादा लांघने और लोगों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया।
4. “मीडिया ट्रायल और काउंटिंग एजेंटों की पिटाई”
ममता ने दावा किया कि काउंटिंग के महज एक-दो राउंड के बाद ही भाजपा की जीत का शोर मचाया जाने लगा ताकि दबाव बनाया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोग पोलिंग स्टेशनों के अंदर घुसे और टीएमसी के काउंटिंग एजेंटों को पीटकर बाहर निकाल दिया गया।
5. “एक्शन में टीएमसी: फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी का गठन”
चुनाव आयोग के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक कदम उठाने का संकेत देते हुए ममता ने घोषणा की कि टीएमसी 10 सदस्यों की एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाएगी। इसमें 5 सांसद शामिल होंगे जो बूथ स्तर पर हुई कथित गड़बड़ियों की जांच कर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।
बंगाल में नए युग की आहट
ममता बनर्जी के इन आरोपों के बीच बंगाल में भाजपा खेमा सरकार बनाने की तैयारी में जुट गया है। 15 साल बाद सत्ता परिवर्तन की इस घड़ी में ममता बनर्जी का यह कड़ा रुख राज्य में आने वाले दिनों में बड़े राजनीतिक टकराव का संकेत दे रहा है।
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