कोलकाता। पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर हुए महासंग्राम के नतीजे आने में अब बस कुछ ही घंटे शेष हैं। 4 मई को होने वाली मतगणना (Counting) से पहले बंगाल की सियासत का पारा चरम पर है। शनिवार को भारतीय जनता पार्टी ने कोलकाता में एक हाई-प्रोफाइल समीक्षा बैठक बुलाई है, जिसमें बूथ मैनेजमेंट से लेकर मतगणना के दिन की रणनीति पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी अपनी जीत का दावा ठोकते हुए कार्यकर्ताओं को ‘स्ट्रांग रूम’ पर पैनी नजर रखने का आदेश दिया है।
वोटों की गिनती से पहले BJP का ‘मिशन 4 मई’
बीजेपी की इस अहम बैठक में उन सभी प्रवासी सांसदों और विधायकों को शामिल होने का निर्देश दिया गया है, जिन्हें चुनाव प्रचार के दौरान अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। बैठक का मुख्य एजेंडा बूथ-स्तर के फीडबैक की समीक्षा करना और मतगणना केंद्र पर तैनात रहने वाले एजेंटों को विशेष दिशा-निर्देश देना है। पार्टी नेतृत्व यह सुनिश्चित करना चाहता है कि गिनती के दौरान कहीं भी कोई चूक न हो।
एग्जिट पोल के रुझानों से बढ़ा BJP का उत्साह
बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में हुए रिकॉर्ड तोड़ मतदान के बाद आए एग्जिट पोल्स ने बीजेपी के खेमे में नई ऊर्जा भर दी है।
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मैट्रिज़ एग्जिट पोल: बीजेपी को 146 से 161 सीटें मिलने का अनुमान, जबकि टीएमसी 125 से 140 के बीच सिमट सकती है।
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टुडेज चाणक्य: बीजेपी को 192 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत का अनुमान।
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पीएम मोदी का दावा: प्रधानमंत्री ने पहले ही कहा है कि उनका अगला बंगाल दौरा बीजेपी के मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह के लिए होगा।
ममता बनर्जी का ‘वार’ और जीत का भरोसा
दूसरी तरफ, टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने एग्जिट पोल के आंकड़ों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा, “हमें पूरा भरोसा है कि हम 226 से 230 सीटों का आंकड़ा पार करेंगे। बंगाल की जनता ने जुल्म और गर्मी के बावजूद जिस तरह मतदान किया है, वह बदलाव के नहीं बल्कि हमारे समर्थन के पक्ष में है।”
ममता ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी है कि वे ईवीएम स्ट्रांग रूम पर 24 घंटे कड़ी निगरानी रखें। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी काउंटिंग से पहले मशीनों के साथ छेड़छाड़ की कोशिश कर सकती है।
रिकॉर्ड तोड़ मतदान और कड़ा मुकाबला
इस बार पश्चिम बंगाल में करीब 92% से अधिक मतदान दर्ज किया गया है, जो देश के चुनावी इतिहास में एक रिकॉर्ड है। यह उच्च मतदान प्रतिशत किसके पक्ष में जाएगा, यह देखना दिलचस्प होगा। क्या बीजेपी पहली बार बंगाल की सत्ता पर काबिज होकर इतिहास रचेगी, या ममता बनर्जी लगातार चौथी बार वापसी कर अपनी साख बचा पाएंगी? इसका फैसला 4 मई को ईवीएम खुलने के साथ हो जाएगा।
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