जबलपुर। बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे के दूसरे दिन आज शुक्रवार की सुबह रेस्क्यू टीम के हाथ वो मंजर लगा, जिसे देख पत्थर दिल भी पिघल गए। गुरुवार को 4 शव मिलने के बाद आज सुबह क्रूज के मलबे से 5 और शव बरामद किए गए हैं। इनमें दिल्ली की एक मां और उसके 4 साल के मासूम बेटे का शव ऐसी हालत में मिला कि वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। अभी भी 4 लोग लापता हैं, जिनकी तलाश में गोताखोर जुटे हुए हैं।
मां की ममता की वो आखिरी जंग: लाइफ जैकेट में बचाने की कोशिश
हादसे के बाद क्रूज के भीतर से जो तस्वीरें सामने आईं, वे दिल को झकझोर देने वाली हैं। दिल्ली निवासी मरीना मसीह (39) का शव जब निकाला गया, तो वह अपने 4 साल के बेटे प्रशांत को सीने से बुरी तरह चिपकाए हुए थीं। रेस्क्यू टीम के अनुसार, मां ने अपनी ही लाइफ जैकेट के जरिए बच्चे को सुरक्षा देने की कोशिश की थी। शायद डूबते क्रूज में मरीना ने घंटों अपने लाल को बचाने के लिए जद्दोजहद की होगी, लेकिन काल के गाल में समाने से पहले भी उन्होंने बच्चे का साथ नहीं छोड़ा। मरीना के पति जूलियस मसीह, जो दिल्ली रक्षा मंत्रालय में कार्यरत हैं, वे और उनकी बेटी सुरक्षित हैं।
लापरवाही ने ली जान: क्लीनर चला रहा था क्रूज!
इस बड़े हादसे ने पर्यटन विभाग और सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलकर रख दी है। शुरुआती जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि क्रूज का चालक कोई अनुभवी कैप्टन नहीं, बल्कि एक पूर्व क्लीनर था, जिसे बिना पर्याप्त ट्रेनिंग के इतनी बड़ी जिम्मेदारी दे दी गई थी। इसके अलावा, मौसम खराब होने की चेतावनी के बावजूद क्रूज को पानी में उतारा गया। यात्रियों को न तो लाइफ जैकेट पहनाई गई थी और न ही आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए क्रूज पर पर्याप्त उपकरण मौजूद थे।
हादसे के तीन मुख्य कारण: विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों ने इस जल त्रासदी के पीछे तीन बड़ी वजहें बताई हैं:
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खराब मौसम: चेतावनी के बावजूद क्रूज का संचालन जारी रखना।
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असंतुलन: क्रूज के निचले हिस्से में अचानक पानी भरने से वह एक तरफ झुक गया।
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सुरक्षा में चूक: लाइफ जैकेट और रेस्क्यू बोट का समय पर उपलब्ध न होना।
पूरे प्रदेश में क्रूज संचालन पर लगा बैन
बरगी हादसे के बाद मध्य प्रदेश सरकार एक्शन मोड में आ गई है। पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने बड़ा फैसला लेते हुए पूरे प्रदेश में क्रूज के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। अब प्रदेश के सभी पर्यटन स्थलों पर मौजूद क्रूज की फिटनेस जांच की जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि मानकों पर खरा उतरने और चालकों की योग्यता सिद्ध होने के बाद ही दोबारा अनुमति दी जाएगी।
राहत भरी खबर: वंदना और उनका बच्चा सुरक्षित
हादसे के बीच एक सुकून देने वाली खबर भी आई है। आधिकारिक सूची में लापता बताई जा रही वंदना थापा और उनका बच्चा पूरी तरह सुरक्षित हैं। वंदना जबलपुर के एक अस्पताल में भर्ती हैं। दरअसल, सरकारी रिकॉर्ड में उनके पति का नाम गलत दर्ज होने के कारण भ्रम की स्थिति बन गई थी, जिसे अब सुधार लिया गया है। दोनों मां-बच्चे खतरे से बाहर हैं।
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