Saturday , 2 May 2026

ट्रंप की हत्या की कोशिश! वाशिंगटन डिनर में गोली चलाने वाले शूटर पर लगे ये गंभीर आरोप…कौन है हमलावर कोल थॉमस एलन?

वाशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल डिनर कार्यक्रम उस समय अफरा-तफरी और दहशत में बदल गया, जब एक हमलावर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में फायरिंग कर दी। इस सनसनीखेज वारदात में एक सीक्रेट सर्विस एजेंट को निशाना बनाया गया। गनीमत रही कि बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से एजेंट की जान बच गई। अब इस मामले में गिरफ्तार हमलावर पर राष्ट्रपति की हत्या की कोशिश (Attempt to Assassinate) समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

हाई-प्रोफाइल डिनर में मची भगदड़

यह घटना ‘व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन डिनर’ के दौरान हुई, जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप के साथ-साथ दुनिया भर के दिग्गज पत्रकार और राजनीतिक हस्तियां मौजूद थीं। जैसे ही होटल के अंदर गोली चलने की आवाज आई, कार्यक्रम स्थल पर चीख-पुकार मच गई। सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत राष्ट्रपति ट्रंप को मंच से सुरक्षित बाहर निकाला और अन्य वीआईपी मेहमानों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

कौन है हमलावर कोल थॉमस एलन?

पुलिस ने मौके से 31 वर्षीय कोल थॉमस एलन को गिरफ्तार किया है, जो कैलिफोर्निया के टोरेंस का रहने वाला है। एलन कंप्यूटर विज्ञान में मास्टर डिग्री धारक है और कैलिफोर्निया से ट्रेन के जरिए वाशिंगटन पहुंचा था। उसने उसी वाशिंगटन हिल्टन होटल में कमरा बुक किया था जहां यह भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। गिरफ्तारी के बाद एलन के पास से एक शॉटगन, हैंडगन और कई चाकू बरामद किए गए हैं।

सीक्रेट सर्विस एजेंट पर किया सीधा हमला

अधिकारियों के अनुसार, एलन ने होटल के अंदर बने एक सुरक्षा चेकपॉइंट पर तैनात सीक्रेट सर्विस एजेंट पर शॉटगन से फायर किया। गोली एजेंट के सीने पर लगी, लेकिन सुरक्षा कवच (Bulletproof Jacket) ने उनकी जान बचा ली। घायल एजेंट को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई है।

मैनिफेस्टो में सुरक्षा पर उठाए सवाल

वारदात से कुछ मिनट पहले आरोपी ने अपने परिवार को एक ‘मैनिफेस्टो’ भेजा था, जिसमें उसने खुद को “फ्रेंडली फेडरल असैसिन” बताया। चौंकाने वाली बात यह है कि उसने अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था की खामियों पर तंज कसते हुए लिखा कि यदि वह कोई विदेशी एजेंट होता, तो वह आसानी से मशीन गन के साथ कार्यक्रम में घुस सकता था। यह खुलासा अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा तंत्र के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है।

राष्ट्रपति ट्रंप पर तीसरा बड़ा हमला

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे राष्ट्रपति ट्रंप पर तीसरा बड़ा हमला करार दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी इतिहास में किसी भी राष्ट्रपति को इतने कम समय में इतने गंभीर हमलों का सामना नहीं करना पड़ा है। इस घटना के बाद वाशिंगटन में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है।

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