Thursday , 28 May 2026

ऊर्जा सुरक्षा पर पीएम मोदी का बड़ा बयान : मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत के पास 53 लाख मीट्रिक टन का ‘सुरक्षा कवच’, 65 लाख टन की नई तैयारी

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट (Middle East) में गहराते तनाव और वैश्विक अस्थिरता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर देश को आश्वस्त किया। पीएम मोदी ने सदन को जानकारी दी कि पिछले एक दशक में सरकार द्वारा किए गए रणनीतिक बदलावों और ‘विविधीकरण’ (Diversification) की नीति के कारण आज भारत किसी भी वैश्विक संकट का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि भारत ने अपनी निर्भरता किसी एक क्षेत्र पर सीमित न रखकर आयात के दायरों को वैश्विक स्तर पर फैला दिया है।

आयात स्रोतों में ऐतिहासिक विस्तार: 27 से बढ़कर 41 हुए आपूर्तिकर्ता देश

प्रधानमंत्री ने संबोधन में बताया कि बीते 11 वर्षों में भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों (Crude Oil, LNG, LPG) के लिए नए रास्ते खोले हैं। उन्होंने कहा, “एक समय था जब भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए केवल 27 देशों पर निर्भर था, लेकिन आज हमारी सरकार के प्रयासों से भारत 41 देशों से ऊर्जा आयात कर रहा है।” इस विविधता ने न केवल आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को मजबूत किया है, बल्कि किसी खास क्षेत्र में युद्ध या तनाव की स्थिति में भारत के लिए जोखिम को भी कम कर दिया है।

संकटकाल के लिए 53 लाख मीट्रिक टन का ‘कवच’ तैयार

रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व (Strategic Petroleum Reserve) पर चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि देश के पास वर्तमान में 53 लाख मीट्रिक टन से अधिक कच्चे तेल का भंडार सुरक्षित है। यह भंडार किसी भी आपात स्थिति में देश की ऊर्जा खपत को सुचारु रखने के लिए ‘बफर’ का काम करेगा। इसके अलावा, सरकार 65 लाख मीट्रिक टन की अतिरिक्त भंडारण क्षमता विकसित करने पर तेजी से काम कर रही है। खास बात यह है कि इसमें तेल कंपनियों के निजी रिजर्व शामिल नहीं हैं, जिससे वास्तविक बैकअप और भी अधिक मजबूत हो जाता है।

समुद्री मार्गों पर कड़ी नजर, सुरक्षित पहुंचे भारतीय जहाज

मिडिल ईस्ट और लाल सागर (Red Sea) जैसे संवेदनशील समुद्री मार्गों पर सरकार की पैनी नजर है। पीएम मोदी ने बताया कि वैश्विक सहयोगियों के साथ निरंतर संवाद के कारण ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) जैसे तनावपूर्ण इलाकों में फंसे कई भारतीय जहाज सुरक्षित स्वदेश पहुंच चुके हैं। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि तेल, गैस और उर्वरक जैसी आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति में कोई बाधा न आए और अंतरराष्ट्रीय आपूर्तिकर्ताओं के साथ भारत का संपर्क बना रहे।

एथेनॉल ब्लेंडिंग से अरबों की बचत और आत्मनिर्भरता की ओर कदम

ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों पर जानकारी देते हुए पीएम मोदी ने बताया कि पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग (Ethanol Blending) अब 1.5% से बढ़कर 20% तक पहुंच गई है। इस क्रांतिकारी बदलाव से भारत को सालाना लगभग 4.5 करोड़ बैरल कच्चे तेल के आयात की जरूरत कम हुई है, जिससे विदेशी मुद्रा की भारी बचत हो रही है। साथ ही, रेलवे के विद्युतीकरण ने हर साल 180 करोड़ लीटर डीजल की खपत को कम कर दिया है, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।

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