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वृंदावन में बांग्लादेशी महिला से 50 लाख की ठगी: 40 लाख कैश, गहने और पासपोर्ट समेटकर भागा पति; पुलिस और दूतावास से लगाई गुहार

उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित पावन तीर्थ स्थल वृंदावन से विदेशी नागरिक के साथ धोखाधड़ी और विश्वासघात का सनसनीखेज मामला सामने आया है। धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए भारत आई एक बांग्लादेशी महिला ने अपने पति पर करीब 50 लाख रुपये की ठगी कर लावारिस छोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि उसका पति उसे वृंदावन के एक होटल में छोड़कर 40 लाख रुपये नकद, 10 लाख रुपये के सोने के जेवरात और उसका पासपोर्ट व वीजा लेकर रफूचक्कर हो गया। बेसहारा हुई पीड़िता ने वृंदावन कोतवाली में लिखित तहरीर देकर पति की तलाश और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

पहले पति की मौत के बाद ढाका के डॉक्टर से रचाई थी प्रेम विवाह

वृंदावन पहुंची पीड़िता की पहचान बांग्लादेश निवासी लीपी रानी पाल के रूप में हुई है। उसने पुलिस को दी अपनी शिकायत में पति डॉ. प्रमोद चक्रवर्ती पर सुनियोजित ठगी का आरोप लगाया है। लीपी रानी के अनुसार, वर्ष 2014 में लिवर कैंसर के चलते उनके पहले पति का देहांत हो गया था। इसके बाद उनकी जान-पहचान ढाका निवासी डॉ. प्रमोद चक्रवर्ती से हुई और दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया। शादी के लगभग छह महीने बाद दोनों ने भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन का कार्यक्रम बनाया।

कोलकाता के रास्ते 8 सितंबर को पहुंचे थे वृंदावन, 12 को गायब हुआ पति

महिला के मुताबिक, वे दोनों 8 सितंबर को कोलकाता के रास्ते वृंदावन पहुंचे थे। यहां दोनों ने विभिन्न मंदिरों में दर्शन-पूजन किए और शुरुआती कुछ दिनों तक माहौल सामान्य रहा। हालांकि, 12 सितंबर को अचानक डॉ. प्रमोद चक्रवर्ती ने किसी जरूरी काम का बहाना बनाया और कमरे में रखे 40 लाख रुपये नकद, करीब 10 लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण तथा पत्नी का पासपोर्ट और वीजा लेकर वहां से चला गया।

व्हाट्सएप पर आया एक्सीडेंट का मैसेज, गहराया संदेह

पीड़िता का आरोप है कि पति के जाने के बाद उसने फोन पर संपर्क करने का लगातार प्रयास किया, लेकिन प्रमोद वापस नहीं लौटा और बाद में उसने कॉल रिसीव करना भी बंद कर दिया। इसके कुछ समय बाद प्रमोद के ही व्हाट्सएप नंबर से किसी अज्ञात व्यक्ति ने मैसेज भेजकर दावा किया कि उसका एक्सीडेंट हो गया है। लीपी रानी ने जब कथित सड़क दुर्घटना की तस्वीरें, अस्पताल का पता और अन्य ब्योरा मांगा, तो सामने से कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया, जिससे महिला का शक यकीन में बदल गया कि उसके साथ सोची-समझी साजिश के तहत फरेब किया गया है।

अकेली और बेबस महिला ने स्थानीय पुलिस व बांग्लादेश सरकार से मांगी मदद

पासपोर्ट, वीजा और सारी जमा पूंजी छिन जाने के बाद पीड़िता 16 सितंबर को रोती-बिलखती वृंदावन कोतवाली पहुंची। महिला का कहना है कि अनजान देश में अब वह पूरी तरह अकेली पड़ गई है और उसके पास खाने-पीने व रहने तक के पैसे नहीं बचे हैं। पीड़िता ने मथुरा पुलिस और जिला प्रशासन से पति का सुराग लगाने की गुहार लगाई है। इसके साथ ही उसने बांग्लादेश सरकार और उच्चायोग से भी मामले में हस्तक्षेप कर वतन वापसी व न्याय दिलाने की अपील की है।

वृंदावन पुलिस ने महिला की तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीमें होटल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल और लोकेशन ट्रैक कर रही हैं। साथ ही महिला द्वारा लगाए गए वित्तीय आरोपों, नकदी और आभूषणों के दावों की भी गहनता से तफ्तीश की जा रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविक सच्चाई सामने आ सके।

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