मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में विधि (LLB) के छात्र रोहन राठी की संदिग्ध हालात में हुई मौत की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लेने का दावा किया है। इस सनसनीखेज वारदात के आरोप में पुलिस ने एक मस्जिद के इमाम नाजिम और उसके साले शावेज को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने पूरी वारदात की जो कहानी बयां की, उसने सभी को हैरान कर दिया है।
रात में घर लौटते समय हुआ था हादसा
पुरकाजी थाना क्षेत्र के हरेटी गांव के पास बीते 24 सितंबर को करीब 20 वर्षीय रोहन राठी का शव बरामद हुआ था। रोहन देर रात अपने एक दोस्त के घर से बाइक पर सवार होकर अपने घर लौट रहा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि छात्र की जान दम घुटने (स्मूथरिंग) की वजह से गई थी, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी।
पहचान उजागर होने के डर से घोंट दिया गला
पुलिस तफ्तीश के मुताबिक, वारदात की रात आरोपी नाजिम अपनी कार से ससुराल जहीरपुर जा रहा था। हरेटी-जहीरपुर मार्ग पर सुनसान जगह रोहन सड़क किनारे दिखाई दिया। नाजिम ने उसे कोई बदमाश समझ लिया और अपनी कार से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद वह मौके से भागकर सीधे अपने साले शावेज के पास पहुंचा।
कुछ देर बाद दोनों दोबारा उसी रास्ते से लौटे, जहां रोहन घायल अवस्था में तड़प रहा था। पुलिस का कहना है कि नाजिम को यह खौफ सताने लगा कि रोहन उसे पहचान चुका है और ठीक होने के बाद पुलिस को सब बता देगा। इस कानूनी कार्रवाई और राज खुलने के डर से दोनों ने मिलकर घायल छात्र का मुंह दबा दिया, जिससे दम घुटने से उसकी मौत हो गई।
शव नाली में धकेला, बाइक और सामान लेकर फरार
हत्या के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को सड़क किनारे नाली के पास छिपाने का प्रयास किया। वारदात को लूट या सामान्य अपराध का रूप देने के इरादे से वे रोहन की बाइक, मोबाइल फोन और कलाई घड़ी भी साथ ले गए। लूटी गई मोटरसाइकिल को आरोपियों ने हरिद्वार जिले के मंगलौर क्षेत्र स्थित एक मस्जिद के पास छिपा दिया था।
सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन से खुला राज
वारदात के खुलासे के लिए पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों के CCTV फुटेज खंगाले। साथ ही मोबाइल टावर लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का बारीकी से विश्लेषण किया गया। तकनीकी सर्विलांस में मृतक और आरोपियों की लोकेशन एक ही जगह पाई गई, जिससे पुलिस का शक पुख्ता हो गया और फुटेज के सहारे आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की गई।
पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए दोनों आरोपी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संजय कुमार वर्मा ने बताया कि पुलिस टीम संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी, तभी बाइक सवार आरोपियों को रुकने का इशारा किया गया। खुद को घिरता देख आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी आत्मरक्षात्मक कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें दबोच लिया गया। आरोपियों के पास से रोहन की बाइक, मोबाइल, घड़ी, वारदात में इस्तेमाल कार, दो अवैध तमंचे और कारतूस बरामद किए गए हैं।
कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी नाजिम मूल रूप से लक्सर (हरिद्वार) का रहने वाला है और मस्जिद में इमाम के तौर पर जुड़ा है, जबकि उसका साला शावेज देवबंद के जहीरपुर का निवासी है और छात्र है। दोनों का इससे पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं पाया गया है। पुलिस अब सभी भौतिक व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को अदालत में पेश करने की तैयारी में जुटी है।
voice of india
