
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक घर के बंद कमरे में दंपती के शव संदिग्ध हालात में बिस्तर पर पड़े मिले। घटना गैंड़ास बुजुर्ग थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बासूपुर के मजरे पिरगिरास की है। मृतकों की शिनाख्त 28 वर्षीय मनोज कुमार और उनकी पत्नी मंजू देवी के रूप में की गई है। एक साथ पति-पत्नी की संदिग्ध मौत से इलाके में हड़कंप मच गया है और कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। दोनों की मौत जहर खाने से हुई, दम घुटने से या इसके पीछे कोई अन्य साजिश है, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर गहन तफ्तीश शुरू कर दी है।
अंदर से बंद था दरवाजा, कुंडी तोड़कर घुसे परिजन तो उड़ गए होश
घटना का खुलासा सोमवार शाम करीब पांच बजे हुआ, जब परिवार के कुछ सदस्य काम निपटाकर घर पहुंचे। उस वक्त मुख्य कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। परिजनों ने काफी देर तक आवाजें लगाईं और दरवाजा खटखटाया, लेकिन भीतर से कोई प्रतिक्रिया या हलचल नहीं हुई। अनहोनी की गहरी आशंका होने पर परिजनों ने आसपास के लोगों की मदद से कमरे का दरवाजा तोड़ा। अंदर का खौफनाक मंजर देखते ही सभी की चीखें निकल गईं। कमरे में मनोज और मंजू के शव बिस्तर पर बेसुध पड़े हुए थे। जांच करने पर दोनों की सांसें थम चुकी थीं।
गांव में पसरा मातम, अनाथ हुए 5 और 3 साल के दो मासूम बच्चे
दंपती की एक साथ मौत की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई और कुछ ही देर में मौके पर सैकड़ों ग्रामीणों का हुजूम जुट गया। इस हृदयविदारक घटना ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस त्रासदी ने दो मासूम जिंदगियों को पूरी तरह बेसहारा कर दिया है। दंपती के पीछे उनके दो छोटे बेटे रह गए हैं, जिनकी उम्र महज पांच वर्ष और तीन वर्ष है। इतनी कम उम्र में दोनों बच्चों के सिर से माता-पिता का साया एक साथ उठ जाने से हर किसी की आंखें नम हैं। ग्रामीण और परिजन अब इन बेसहारा बच्चों के लालन-पालन और भविष्य को लेकर गहरे सदमे में हैं।
फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
दोहरे शव मिलने की सूचना पर पुलिस महकमे में खलबली मच गई। आनन-फानन में अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय, क्षेत्राधिकारी डॉ. जितेंद्र कुमार और गैंड़ास बुजुर्ग थाने की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने बारीकी से कमरे का मुआयना किया और परिजनों समेत पड़ोसियों से शुरुआती बयान दर्ज किए। मामले की गंभीरता को देखते हुए वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र करने के लिए फील्ड यूनिट और फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया गया। फिंगरप्रिंट और अन्य भौतिक साक्ष्य जुटाने के बाद शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय के मुताबिक, प्रथम दृष्टया मामला पूरी तरह संदिग्ध है। फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह और समय का सटीक पता चल सकेगा। पुलिस हर संभावित कोण से मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है।
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