Tuesday , 21 April 2026

गरीबी से जंग हार गए मोची रामचेत, राहुल गांधी की मदद से बदली थी जिंदगी, अब हुआ दुखद अंत

सुलतानपुर। कूरेभार थाना क्षेत्र के ढेसरुआ गांव के रहने वाले मोची रामचेत ने आखिरकार लंबी बीमारी से जंग हार दी। कैंसर और टीबी से पीड़ित रामचेत का रविवार सुबह निधन हो गया। उनके जाने से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

रामचेत की कहानी कभी संघर्ष और उम्मीद दोनों का प्रतीक बनी थी। बीते वर्ष कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सुलतानपुर दौरे से लौटते समय अचानक उनकी गुमटी पर रुके थे। बातचीत में राहुल गांधी ने रामचेत की दयनीय आर्थिक स्थिति देख उनकी मदद का भरोसा दिलाया था। इसके बाद राहुल गांधी की पहल पर रामचेत को जूते-चप्पल सिलाई की अत्याधुनिक मशीन और आवश्यक सामग्री दी गई थी।

इस मदद से रामचेत का जीवन बदलने लगा था, उनका छोटा व्यवसाय फिर से पटरी पर लौट आया था। लेकिन कुछ ही समय बाद बीमारी ने उन्हें घेर लिया। कैंसर और टीबी की गंभीर स्थिति में राहुल गांधी के सहयोग से उनका इलाज प्रयागराज में कराया गया, पर ज़िंदगी ने साथ नहीं दिया।

ढेसरुआ गांव के लोग बताते हैं कि रामचेत बेहद मेहनती और आत्मसम्मान से जीने वाले व्यक्ति थे, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी भीख नहीं मांगी। अब उनके निधन से गांव का एक ईमानदार और संघर्षशील चेहरा हमेशा के लिए खो गया है।

गांववासियों ने प्रशासन और सरकार से परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की है ताकि उनके बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके।

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