Sunday , 20 September 2026

क्या फिर ईरान पर बरसेंगे अमेरिकी बम? तय समय से पहले व्हाइट हाउस लौटे ट्रंप, ब्रिटेन से बॉम्बर रवाना

पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी सैन्य संघर्ष अब बेहद खतरनाक और विस्फोटक मोड़ पर पहुंच गया है। तेहरान ने अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करने के लिए कतर के जरिए सात सख्त शर्तें सामने रखी हैं और साफ चेतावनी दी है कि मांगें न माने जाने पर तेहरान एक ‘निर्णायक युद्ध’ के लिए तैयार है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कैंप डेविड में अपना वीकेंड प्रवास तय समय से पहले समाप्त कर अचानक शनिवार शाम सीधे व्हाइट हाउस लौट आए हैं। ट्रंप के इस अप्रत्याशित कदम के बाद वैश्विक हलकों में यह सवाल तेजी से उठने लगा है कि क्या अमेरिका ईरान पर किसी बड़े और घातक सैन्य हमले की तैयारी कर रहा है।

कतर के जरिए वाशिंगटन पहुंचीं ईरान की 7 शर्तें

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) के सचिव मोहसिन रेजाई ने एक साक्षात्कार में पुष्टि की कि युद्ध समाप्ति के लिए उनकी शर्तें मध्यस्थ देश कतर के माध्यम से वाशिंगटन तक पहुंचा दी गई हैं और अब उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप की औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

शर्तों का ब्योरा देते हुए रेजाई ने कहा कि मुख्य मांगों में सभी सैन्य मोर्चों पर जंग का तुरंत खात्मा, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोकी और फ्रीज की गई ईरानी वित्तीय संपत्तियों को जारी करना तथा अमेरिका द्वारा लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी को पूरी तरह हटाना शामिल है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इन शर्तों को मानना वाशिंगटन के हित में है, क्योंकि ट्रंप की धमकियों का कोई असर नहीं होने वाला और ईरान निर्णायक युद्ध के लिए हर तरह से तैयार है।

पश्चिम एशिया में हाई अलर्ट, अमेरिकी नागरिकों को चेतावनी

ईरान के आक्रामक रुख के तुरंत बाद पश्चिम एशिया स्थित सभी अमेरिकी राजनयिक मिशनों में ‘हाई सिक्योरिटी अलर्ट’ घोषित कर दिया गया। वाशिंगटन ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए इराक, बहरीन, ओमान, सऊदी अरब, ईरान, कतर, लेबनान, कुवैत और जॉर्डन में अत्यधिक सावधानी बरतने की हिदायत दी है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने नागरिक हवाई अड्डों सहित सऊदी अरब के कई अहम ठिकानों पर शत्रुतापूर्ण हमले किए हैं, जिससे संघर्ष के व्यापक पैमाने पर भड़कने की आशंका है। अमेरिका ने यह भी आगाह किया कि पश्चिम एशिया के बाहर भी उसके राजनयिक ठिकानों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और नागरिकों को ईरान समर्थक समूहों द्वारा निशाना बनाया जा सकता है।

ब्रिटिश एयरबेस से उड़ा अमेरिकी बॉम्बर, सीरिया में एयर डिफेंस सक्रिय

तनाव की गंभीरता को रेखांकित करते हुए मीडिया रिपोर्ट्स (आरटी) के मुताबिक, ब्रिटेन स्थित एयरबेस से एक अमेरिकी रणनीतिक बमवर्षक विमान पश्चिम एशिया के लिए उड़ान भर चुका है। वहीं, उत्तर-पूर्वी सीरिया के अल-हसाका स्थित खारब अल-जिर हवाई अड्डे के निकट एयर डिफेंस सिस्टम के सक्रिय होने और हलचल बढ़ने की खबरें हैं, जिससे बड़े सैन्य टकराव की सुगबुगाहट तेज हो गई है।

सऊदी अरब पर मिसाइल हमला, क्राउन प्रिंस की दो टूक चेतावनी

क्षेत्र में तनाव उस वक्त और बढ़ गया जब यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में संवेदनशील स्थलों को लक्ष्य बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। सऊदी सेना के एयर डिफेंस सिस्टम ने समय रहते इन मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया और बड़े नुकसान को टाल दिया।

इस हमले के बाद सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का कड़ा बयान सामने आया है। क्राउन प्रिंस ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हमें यमन के निर्दोष नागरिकों की सुरक्षा की फिक्र न होती, तो सऊदी सेना महज एक सप्ताह के भीतर यमन पर नियंत्रण स्थापित कर हूतियों का पूरी तरह सफाया कर देती।

यह संपूर्ण घटनाक्रम ऐसे समय में घटित हो रहा है जब न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के सत्र में दुनिया भर के नेता एकत्र हो रहे हैं, जहां पश्चिम एशिया का यह संकट शीर्ष एजेंडे में रहने वाला है। एक ओर जहां कूटनीतिक समझौतों की बातें हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर सैन्य लामबंदी यह संकेत दे रही है कि आने वाले दिन बेहद नाजुक साबित हो सकते हैं।

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