
कानपुर। मूलगंज थानाक्षेत्र में बुधवार देर शाम हुए ब्लास्ट के बाद पुलिस ने इलाके में छापेमारी कर अवैध पटाखों के गोदाम सील किये। ब्लास्ट के बाद पुलिस को शहर में अवैध पटाखों के भण्डारन का खेल पता चला। उधर, पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल के नेतृत्व में शहर भर में अवैध पटाखों के गोदाम पकड़ने के लिए पुलिस टीमों को मुस्तैद किया गया। इसी कड़ी में शुक्रवार को एसीपी स्वरूप नगर सुमित रामटेक के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच और फजलगंज पुलिस ने अवैध पटाखा गोदाम पर बड़ी कार्यवाई की। दरसल पुलिस ने गुरुनानक ऑटो मार्केट गडरियनपुरवा स्थित एक मकान में छापा मारा। यहां पुलिस को अवैध पटाखों का गोदाम मिला। पुलिस ने 150 गत्ते पटाखे बरामद किये, जिनकी अनुमानित क़ीमत लगभग 15 लाख रुपए बताई गई। पुलिस की जाँच पड़ताल में हिमांशु मरवाहा और शानू के नाम सामने आये हैं। फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर फरार अभियुक्तों की तलाश शुरू कर दी है। वहीं सूत्रों के मुताबिक शहर भर में एक दर्जन से ज्यादा इलाकों में अवैध तरीके से पटाखों की खरीद फरोख्त पुलिस के नाक के नीचे होती है।
– पटाखा बिक्री स्थल का निरीक्षण
पुलिस उपायुक्त पश्चिम दिनेश त्रिपाठी द्वारा शुक्रवार को थाना रावतपुर क्षेत्र में पटाखों की बिक्री हेतु चिन्हित स्थान का निरीक्षण किया गया। इस दौरान डीसीपी ने सुनिश्चित किया कि पटाखा बिक्री हेतु लगायी सभी अस्थायी दुकानें निर्धारित मानकों के अनुरूप उचित दूरी पर स्थापित हो एवं अग्नि सुरक्षा उपकरण जैसे अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से रखें जाए।
कानपुर धमाके में एसीपी हटाए गए, थानेदार समेत छह निलंबित
– सिपाहियों की शह पर सजा था अवैध पटाखों का बाजार
– चौकी इंचार्ज और थानेदार की भूमिका भी संदिग्ध मिली
कानपुर। मेस्टन रोड के मिश्रीबाजार के बिसातखाना में बीती शाम धमाका में कोई आतंकी कनेक्शन सामने नहीं आया है। अलबत्ता खालिस्तान समर्थित संगठन ने चर्चा में आने के लिए विस्फोट का जिम्मा लेने की एक ई-मेल तमाम मीडिया संस्थान को भेजी थी। ई-मेल भेजने वाले की शिनाख्त की कोशिश में स्थानीय पुलिस के साथ एनआईए भी जुटी है। इसी दरमियान, घनी बस्ती में अवैध पटाखों के साथ-साथ विस्फोटक सामग्री के भंडारण में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बीट और ज्रेबा सिपाहियों के साथ चौकी इंचार्ज और मूलगंज थानेदार की भूमिका संदिग्ध मिलने के कारण छह पुलिस वालों को निलंबित कर दिया गया है, साथ ही कोतवाली के एसीपी आशुतोष कुमार को तत्काल प्रभाव से जिम्मेदारी से हटा दिया गया है।
नजराना लेकर फेरी थी नजर
बीती देर शाम 7.30 बजे धमाके के बाद पुलिस टीम ने इलाके को छाना तो कई दुकानों में अवैध पटाखों का भंडारण सामने आया। संकरी गली में एक गोदाम में भारी मात्रा में पटाखा बनाने के लिए बारूद भी बरामद हुआ है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि, क्षेत्रीय बीट सिपाहियों के साथ-साथ जेब्रा सिपाहियों की शह पर प्लास्टिक के सामान और खिलौनों की दुकान में देसी पटाखों की बिक्री बड़े पैमाने पर चल रही थी। खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक, नजराना मिलने के कारण जिम्मेदार पुलिस वालों ने अवैध कारोबार से नजर फेरी थी। इनपुट के आधार पर मूलगंज के थानेदार विक्रम सिंह. चौकी प्रभारी रोहित तोमर के साथ जेब्रा मोबाइल के सिपाही चेतन कुमार और अमित कुमार के साथ चौकी के हेड कांस्टेबल इमामुलहक और सिपाही ब्रह्मानंद को निलंबित कर दिया गया है। इसी के साथ क्षेत्राधिकारी आशुतोष कुमार को तत्काल प्रभाल से एसीपी की जिम्मेदारी से हटाया गया है।
खिलौना दुकानदार और गोदाम किरायेदार पर एफआईआर
इस मामले में पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि, क्षेत्र में बड़े पैमाने पर देसी पटाखों का अवैध कारोबार संचालित था। उन्होंने बताया कि, विस्फोट वाले स्थान के आसपास की दुकानों से एक क्विंटल पटाखे मिले हैं। करीब स्थित गोदाम में ढाई क्विंटल से ज्यादा पटाखा बनाने वाला बारुद बरामद हुआ है। उन्होंने कहाकि, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स का दावा फर्जी है। सीपी ने कहाकि, बगैर लाइसेंस पटाखा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है। फिलहाल, 12 लोगों को हिरासत में लिया गया है। खिलौना की आड़ में अवैध पटाखा बेचने वाले दुकानदार के साथ गोदाम में बारूद का भंडारण करने वाले के खिलाफ एफआईआर लिखी गई है।
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