Thursday , 17 September 2026

कानपुर के चर्चित विनीत मिनोचा हत्याकांड में बड़ा मोड़: कत्ल से पहले किया था डांस, अब कोर्ट में दुपट्टे से चेहरा छिपाती दिखी बहू शालू; 309 कॉल्स और डिलीट चैट से खुले गहरे राज

उत्तर प्रदेश के कानपुर में करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की सनसनीखेज हत्या के मामले में गिरफ्तार बहू शालू मिनोचा को पुलिस ने रिमांड के लिए अदालत में पेश किया। वारदात से ठीक पहले बेफिक्र अंदाज में डांस करने वाली शालू बुधवार को जब कोर्ट परिसर पहुंची, तो उसका मिजाज पूरी तरह बदला हुआ था। मीडिया कर्मियों और आम लोगों के कैमरे सामने आते ही उसने तुरंत दुपट्टे से अपना मुंह ढक लिया और पुलिसकर्मियों से तस्वीरें न खींचने देने की गुहार लगाती रही। भारी सुरक्षा घेरे के बीच पुलिस उसे अदालत कक्ष तक ले गई। कभी ससुर की मौत पर फूट-फूटकर रोने का नाटक करने वाली बहू की इस करतूत से हर कोई सन्न है।

सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों ने खोली साजिश की पोल हत्याकांड के शुरुआती दौर में बहू शालू परिवार के अन्य सदस्यों के साथ विलाप करते हुए खुद को पूरी तरह निर्दोष दिखा रही थी। हालांकि, पुलिस को जब हत्याकांड में घर के ही किसी करीबी के शामिल होने का अंदेशा हुआ, तो जांच की दिशा बदल गई। क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की टीम ने घर के आसपास के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग, मोबाइल फोन के डेटा और टॉवर लोकेशन की गहराई से पड़ताल की। डिजिटल कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस के हाथ दवा कारोबारी के पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर तक जा पहुंचे।

पूर्व कर्मचारी का कबूलनामा: बहू के इशारे पर रची गई खूनी साजिश पुलिस की सख्त पूछताछ में आरोपी विशाल गौतम और राजकिशोर ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने बहू शालू के कहने पर ही दवा कारोबारी विनीत मिनोचा को रास्ते से हटाने की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। हालांकि, पुलिस के इन दावों का अंतिम फैसला अदालत में पेश किए जाने वाले पुख्ता सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर ही होगा। इस बीच, हत्याकांड में शालू के पति की भूमिका को लेकर भी पुलिस अलग-अलग कोणों से जांच आगे बढ़ा रही है।

309 फोन कॉल्स और डिलीट चैट्स से खुलेंगे कत्ल के राज जांच एजेंसी के हाथ सबसे अहम सुराग शालू और मुख्य शूटर/आरोपी विशाल गौतम के बीच हुई बातचीत के तौर पर लगे हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के विश्लेषण से खुलासा हुआ है कि 1 मई से लेकर हत्या के दिन तक दोनों के बीच लगभग 309 बार फोन पर संपर्क हुआ था। इतना ही नहीं, दोनों के मोबाइल से कई अहम मैसेज और चैट्स डिलीट किए गए हैं। पुलिस अब साइबर फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से इन डिलीट किए गए संदेशों को रिकवर करा रही है, जिससे यह साफ हो सके कि कत्ल की सुपारी कब दी गई, साजिश के क्या नियम तय हुए और वारदात के तुरंत बाद क्या निर्देश दिए गए थे।

 

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