Friday , 3 July 2026

ई-रिक्शा चालकों के लिए बड़ी राहत: रिमोट से गाड़ी बंद करने वाले चीनी BAT BMS ऐप पर सरकार का बड़ा एक्शन, प्ले स्टोर से हटाया

नई दिल्ली। देश की राजधानी में ई-रिक्शा चालकों को परेशान करने और सड़क सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले एक चीनी मोबाइल एप्लिकेशन पर सरकार ने बेहद सख्त कदम उठाया है। सोशल मीडिया पर ई-रिक्शा चालकों की बेबसी के वीडियो वायरल होने और लगातार मिल रही शिकायतों के बाद, सरकार के कड़े निर्देश पर BAT BMS App को गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) और एप्पल ऐप स्टोर (Apple App Store) से पूरी तरह से हटा (डिलीट) दिया गया है। सुरक्षा और तकनीकी दुरुपयोग की गंभीर आशंकाओं को देखते हुए इस कार्रवाई में कुल 2 ऐप्स पर डिजिटल स्ट्राइक की गई है। आरोप है कि इस ऐप का गलत इस्तेमाल करके दूर बैठे ही चलते हुए ई-रिक्शा को बंद कर दिया जाता था, जिससे सड़कों पर हादसों का खतरा भी बढ़ गया था।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे वीडियो, ब्लूटूथ से बंद हो रही थीं बैटरियां

दरअसल, यह पूरा मामला तब सुर्खियों में आया जब इंस्टाग्राम, यूट्यूब और एक्स (ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुछ चौंकाने वाले वीडियो तेजी से वायरल हुए। इन वीडियो में साफ देखा जा सकता था कि कुछ शरारती तत्व ब्लूटूथ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर ई-रिक्शा में लगी कंपैटिबल (अनुकूल) लिथियम बैटरियों से कनेक्ट हो जाते थे और रिमोटली (दूर से) ही गाड़ी को बंद कर देते थे। इस डिजिटल छेड़छाड़ के सामने आने के बाद ई-रिक्शा चालकों, डीलरों और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) उपयोगकर्ताओं के बीच अपनी सुरक्षा को लेकर भारी चिंता और डर का माहौल पैदा हो गया था।

चालकों को धक्का लगाते देख भड़के परिवहन मंत्री, बैठाई गई जांच

ऐप के इस खतरनाक दुरुपयोग के कारण बीच सड़क पर अचानक ई-रिक्शा बंद होने से चालकों को भारी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही थी। वायरल वीडियो में कई गरीब ई-रिक्शा चालक बेबसी में रोते हुए और भारी गाड़ियों को दूर तक धक्का मारकर ले जाते हुए नजर आए थे। आम जनता और चालकों की इस गंभीर परेशानी का संज्ञान लेते हुए दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने तत्काल एक्शन लिया। उन्होंने परिवहन विभाग को BAT-BMS ऐप की सत्यता, उसकी कार्यप्रणाली और उससे जुड़े तमाम दावों की गहराई से तकनीकी जांच करने के कड़े निर्देश दिए थे।

सुरक्षा में बड़ी चूक: मॉनिटरिंग ऐप का हो रहा था गलत इस्तेमाल

परिवहन विभाग की शुरुआती जांच में एक बड़ा तकनीकी खुलासा हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक, यह चीनी ऐप एक सीमित दायरे (रेंज) के भीतर ब्लूटूथ-सक्षम (Bluetooth-enabled) लिथियम बैटरियों के साथ वायरलेस तरीके से कनेक्ट हो सकता है। तकनीकी रूप से इस ऐप का मुख्य उद्देश्य बैटरी के वोल्टेज, तापमान, चार्जिंग स्टेटस और करंट फ्लो जैसी जरूरी जानकारियों को मॉनिटर करना था। लेकिन ऐप में सुरक्षा (Security Encryption) के पुख्ता इंतजाम न होने की वजह से इसके कंट्रोल फीचर्स का गलत इस्तेमाल होने लगा, जिससे कोई भी बाहरी व्यक्ति बैटरी को शटडाउन कर सकता था। सरकार ने साफ किया है कि इस मामले में आगे भी निगरानी और जांच जारी रहेगी ताकि भविष्य में ऐसी किसी सुरक्षा चूक को रोका जा सके।

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