Sunday , 7 December 2025

होटल के कमरे में नाबालिग से इश्क, जिद में हुई मौत….एनसीसी कैंप के बाद घर लौटने के बजाय होटल पहुंचे रात गुजारने

– नाबालिग को रूम देने वाले होटल मालिक-मैनेजर पर होगी कार्रवाई
– एनसीसी कैंप में एक-दूजे के बेहद करीबी बन गए थे किशोर-किशोरी

कानपुर। पांच सौ रुपए में दो घंटे के लिए कमरा देने वाले बदनाम होटल अंधी कमाई के लिए नाबालिगों को रूम देने से परहेज नहीं करते हैं। नतीजा सामने है, घंटाघर के होटल में ठहरी नाबालिग मोहब्बत ने माशूका से झगड़ने के बाद फांसी का फंदा लगाकर जिंदगी को अलविदा कह दिया। दोस्त को फंदे पर तड़पता देखकर बदहवाश होकर चीखी-चिल्लाई और होटल कर्मचारियों के जरिए अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दरमियान उम्मीद टूट गई। अभी तहरीर का इंतजार है, लेकिन होटल मालिक और मैनेजर पर नाबालिग को रूम देने के जुर्म में कार्रवाई तय है।

मंदिर से लौटने के बाद कमरे में कैद हुए
प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि, फर्रुखाबाद के कायमगंज निवासी 17 वर्षीय अर्जुन (काल्पनिक नाम) और कानपुर देहात की 18 साल की दिव्या (काल्पनिक नाम) की दोस्ती एनसीसी कैंप के दरमियान छह महीने पहले परवान चढ़ना शुरू हुई थी। एनसीसी का दोबारा कैंप लगा तो दोनों बच्चे फिर एक-दूसरे के साथ वक्त गुजारने लगे। वादा किया गया कि, कैंप के बाद दो दिन साथ रहेंगे। सोमवार को कैंप फायर के बाद किशोर और किशोरी अपने वादे को हकीकत में बदलने और इश्क को मजबूत करने के लिए होटल पहुंच गए। इधर-उधर भटकने के बाद दोनों को घंटाघर के मथुरी मोहाल में दि ड्रीम्स इन होटल में रूम मिल गया। सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट है कि, दोपहर 12.30 बजे चेक-इन करने के बाद होटल के एक घंटा गुजारा और बाहर निकल गए थे, शाम चार बजे वापस लौटने के बाद दोनों कमरे में कैद रहे। लड़की के मुताबिक, दोपहर में आराम करने के बाद दोनों दर्शन करने के लिए मंदिर गए थे।

एक रात और रुकने की जिद में झगड़ा
मंगलवार की दोपहर दिव्या स्नान करने बाथरूम में गई तो पंखे के कुंडे से फंदा बनाकर अर्जुन लटक गया। स्टूल गिरने की आवाज आने पर दिव्या ने बाथरूम से बाहर आना चाहा तो दरवाजा बाहर से बंद था। काफी प्रयास के बाद वह निकली तो फंदे पर अर्जुन तड़प रहा था। दिव्या चीखती हुई रिसेप्शन पर पहुंची और होटल कर्मचारियों को बुलाकर अर्जुन को फंदे से उतारकर अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। किशोरी ने बताया कि, मंगलवार की सुबह चेक-आउट के बजाय अर्जुन एक और दिन साथ रहना चाहता था, लेकिन वह तैयार नहीं थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। दिव्या ने दावा किया कि, समझाने के बाद अर्जुन चेक-आउट के लिए राजी हो गया तो वह स्नान करने चली गई थी। इसके बाद अर्जुन ने आत्मघाती कदम उठा लिया। पुलिस के जरिए सूचना मिलने के बाद कानपुर आए अर्जुन के पिता ने बताया कि, आठ दिन पहले बेटा एनसीसी शिविर में शामिल होने के लिए कानपुर आया था।

कोट्स
नाबालिग को होटल में कमरा देने के मामले में संचालक और मैनेजर के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
– सत्यजीत गुप्ता, डीसीपी-पूर्वी

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