Saturday , 18 April 2026

मासूम को दुष्कर्म का शिकार बनाने वाले दुराचारी को मृत्युदंड..पाक्सो अदालत ने दो माह के अंदर सुनाया फैसला

त्वरित न्याय व्यवस्था पर क्षेत्र में संतोष की लहर

बांदा। मासूम से दुराचार कर मरणासन्न हालत में जंगल मंे फेंक देने के आरोपी को आखिरकार अदालत ने मृत्युदंड की सजा सुना दी है। साथ ही अलग-अलग धाराओं के तहत आरोपी के खिलाफ 65 हजार रुपए का जुर्माना भी ठोंका गया है। खास बात यह है कि घटना की तारीख से करीब दो माह के अंदर पाक्सो अदालत ने त्वरित न्याय करते हुए आरोपी को दंडित करने का काम किया है। अदालत की त्वरित कार्रवाई को लेकर क्षेत्र के लोग न्याय व्यवस्था की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

बता दें कि चिल्ला थाना क्षेत्र के चकला गांव निवासी सुनील कुमार निषाद पुत्र लोटन ने बीती तीन जून को गांव की एक तीन वर्षीय मासूम बच्ची को पकड़कर दुष्कर्म का शिकार बनाया था और उसे मरणासन्न हालत में कुछ दूर जंगल में फेंक आया था। जब बच्ची घर वापस नहीं आई तो उसके परिजनों ने तलाश शुरू की और आरोपी की निशानदेही पर मासूम को गंभीर हालत में जंगल के क्षेत्र से बरामद किया गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। आरोपी के खिलाफ चिल्ला थाना पुलिस ने सुसंगत धाराओं समेत पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया और आरोपी को एक मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचक एसआई रामदिनेश तिवारी ने करीब एक माह में चार्जशीट दाखिल की और अदालत की कार्रवाई शुरू हुई। अदालत में लोक अभियोजक कमल सिंह गौतम व शिवपूजन सिंह ने 11 गवाह प्रस्तुत करके मामले को फैसले तक पहुंचाया। विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट की अदालत में सोमवार को आरोपी सुनील निषाद को धारा 103 बीएनएस व 6 पाक्सो एक्ट के तहत मृत्युदंड और पचास हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया। जबकि धारा 137(2) बीएनएस में 10 हजार रुपए जुर्माना व 7 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। फैसला सुनाए जाने के बाद जहां पीड़ित बच्ची के परिजनों ने न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताया है, वहीं फैसले की पूरे जिले में चर्चा हो रही है।

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