
France Protest: नेपाल में भ्रष्टाचार और बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ जनता का गुस्सा अब सड़कों पर साफ देखा जा सकता है. केपी शर्मा ओली की सरकार पहले ही सवालों के घेरे में थी, लेकिन हालिया प्रदर्शनों ने पूरे राजनीतिक ढांचे को हिला कर रख दिया. राजधानी काठमांडू से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोग सड़कों पर उतरे, और सत्ता के खिलाफ एक सुर में आवाज़ उठाई. हालात इतने बिगड़ गए कि ओली को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा.
नेपाल के बाद अब फ्रांस में भी सियासी भूचाल देखने को मिला. पूर्व प्रधानमंत्री फ्रांस्वा बायरो द्वारा प्रस्तावित £35 अरब की खर्च कटौती योजना जनता को रास नहीं आई. जब संसद में सरकार अपना आत्म-विश्वास मत हार गई, तो बायरो को इस्तीफा देना पड़ा. इसके बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सेबास्टियन लेकोर्नू को नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया, लेकिन इससे हालात शांत नहीं हुए.
ब्लॉक एवरीथिंग आंदोलन से फ्रांस में अराजकता
नए आंदोलन ने पूरे फ्रांस को हिला दिया है. ‘ब्लॉक एवरीथिंग’ नाम से शुरू हुए इस अभियान में प्रदर्शनकारियों ने पेरिस सहित कई बड़े शहरों में सड़कें जाम कर दीं, रेलवे स्टेशन ठप कर दिए और पुलिस पर हमले किए. पेरिस में अकेले 200 से ज्यादा गिरफ्तारियां हुईं, जबकि 80,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों को देशभर में तैनात किया गया है.
पेट्रोल पंप, सुपरमार्केट, डिपो- सब प्रदर्शनकारियों के निशाने पर
प्रदर्शनकारियों ने सिर्फ ट्रैफिक ही नहीं रोका, बल्कि अब तेल डिपो, पेट्रोल पंप और सुपरमार्केट तक को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. सोशल मीडिया पर लूटपाट के खुले संदेश वायरल हो रहे हैं, जिसने फ्रांस की स्थिति और अधिक नाजुक
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