
सेना ने बताया कि इस अभियान को बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अंजाम दिया गया। अगर थोड़ी भी देर होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। लोगों को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया, जहां उन्हें प्राथमिक चिकित्सा और राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई। राज्य में बाढ़ और बारिश से हालात गंभीर बने हुए हैं। सतलुज, व्यास, रावी और कई छोटी नदियां उफान पर हैं। राहत और बचाव कार्य में सेना के साथ पंजाब पुलिस, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) भी जुटे हुए हैं। स्कूल 30 अगस्त तक बंद प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूल 30 अगस्त तक बंद रखने का आदेश जारी किया है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के पास न जाएं और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। लगातार बारिश और बाढ़ की इस स्थिति ने पंजाब में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। राहत शिविरों में बड़ी संख्या में लोग शरण ले रहे हैं, वहीं सेना और आपदा राहत बल लगातार बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं।पंजाब के पठानकोट में बाढ़ के पानी से घिरी एक जर्जर बिल्डिंग की छत पर रेस्क्यू के लिए सेना का हेलिकॉप्टर उतरा…. जैसे ही हेलिकॉप्टर ने फिर वापस उड़ान भरी तो बिल्डिंग का अगला हिस्सा धराशायी हो गया… pic.twitter.com/mZRMy7QCsV
— Dinesh Dangi (@dineshdangi84) August 27, 2025
voice of india