
शराबखोरी से परेशान परिजन देर रात थाने में छोड़ गए थे
– आए दिन परिवार और मोहल्ले में नशेबाजी करता था पप्पू
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कानपुर। निगरानी की तनिक चूक के कारण कमिश्नरेट पुलिस के माथे पर हिरासत में मौत का कलंक लग गया। रावतपुर थाने में नशेबाज शातिर ने बुधवार सुबह पांच बजे टी-शर्ट फाड़कर फंदा बनाया और फांसी लगाकर जिंदगी को अलविदा कह दिया। मौत के शिकार नशेबाज के परिजनों को घटना पर कोई अफसोस नहीं है। कारण यह कि, उसने कुछ दिन पहले शराबखोरी करने के बाद सगी बुआ की हत्या का प्रयास किया था। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक, गुड्डू बैटरी चोरी के मामले में कर्नलगंज थाने से कुछ वक्त पहले जेल भेजा गया था, लेकिन रावतपुर थाने में उसके खिलाफ कोई एफआईआर नहीं है। नशेबाजी से परेशान परिजन उसे गुरुवार देर रात 3.40 बजे जबरिया थाने के हवाले कर गए थे।
बगैर शिकायत थाने छोड़कर चले गए परिजन
जानकारी के मुताबिक, काकादेव में कच्ची मड़ैया के दिनेश उर्फ गुड्डू (35) की शराबखोरी से परिवार और मोहल्ला परेशान था। आए दिन मारपीट और गाली-गलौच के कारण परेड निवासी पिता ने एक साल पहले घर से निकाल दिया था, इसलिए दिनेश काकादेव में बुआ रेनू के साथ रहता था। कुछ दिन पहले दिनेश ने तार से बुआ का गला कसकर मौत के घाट उतारने का प्रयास किया था। हरकत के बाद उसे दुत्कार मिली तो परेड में अपने पिता के पास पहुंच गया। रेनू के बेटे सिद्धार्थ ने बताया कि, बीते दिवस परेड में नशेबाजी के बाद पिता ने घर से भगाया तो गुड्डू ने दोबारा शरण के लिए गुहार लगाई। ऐसे में सिद्धार्थ खुद बाइक से उसे लेकर काकादेव आया, लेकिन यहां आने के कुछ घंटों बाद फिर नशेबाजी करने लगा। ऐसे में बुआ का परिवार उसे थाने लेकर आए और मौखिक शिकायत के बाद छोड़कर जाने लगे। मौजूद स्टॉफ ने परिजनों को साथ रुकने के लिए कहा, लेकिन वह लोग कुछ देर बाद मौका देखकर निकल गए।
बुआ को मारने की कोशिश, बैटरी चोरी में जेल
थाने में दो-ती घंटे नशेबाजी करने के बाद गुड्डू ने सुबह शौच की इच्छा जताई तो होमगार्ड के साथ वॉशरूम भेज दिया गया। इसी दरमियान, गुड्डू ने टी-शर्ट को फाड़कर रस्सी बनाई और फंदे पर झूल गया। काफी देर तक बाहर नहीं निकला तो होमगार्ड ने झांका तो लाश नजर आई। आनन-फानन में आला अफसरों के साथ परिजनों को खबर भेजी गई। मौके पर पहुंचे परिजनों ने बताया कि, रात में नशेबाजी से परेशान होने के कारण गुड्डू को एक थप्पड़ मार दिया था। उसी वक्त से मरने-मारने पर उतारू था। परिजनों ने बताया कि, गुड्डू की मां की काफी समय पहले मौत हो चुकी है। मौसी ने पाला था, लेकिन गुड्डू उनके साथ भी बुरा व्यवहार करने लगा तो उन्होंने भगा दिया था। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक, कर्नलगंज क्षेत्र में ई-रिक्शा की बैटरी चोरी के जुर्म में गुड्डू को जेल भेजा गया था।
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