Saturday , 3 October 2026

उमेश पाल की पत्नी जया पाल को BJP में बड़ा पद, क्या 2027 में ‘शहर पश्चिमी’ से लड़ेंगी चुनाव? पढ़ें इनसाइड स्टोरी

लखनऊ ब्यूरो: उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को अपने विभिन्न मोर्चों की प्रदेश कार्यकारिणी और क्षेत्रीय अध्यक्षों की बहुप्रतीक्षित सूची जारी कर दी। पार्टी द्वारा घोषित नई टीम में महिला मोर्चा, किसान मोर्चा और अनुसूचित मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ-साथ ओबीसी मोर्चा की टीम का भी विस्तार किया गया है। भाजपा के इस नए संगठनात्मक फेरबदल में सबसे चौंकाने वाला और चर्चा का केंद्र बना नाम जया पाल का है। बहुचर्चित उमेश पाल हत्याकांड के बाद लगातार चर्चा में रहीं जया पाल को पार्टी ने उत्तर प्रदेश भाजपा ओबीसी मोर्चा का प्रदेश मंत्री नियुक्त किया है।

प्रयागराज के नेताओं को मिली संगठन में अहम तरजीह

भाजपा ने इस संगठनात्मक विस्तार में संगम नगरी प्रयागराज से जुड़े चेहरों को मजबूत प्रतिनिधित्व दिया है। जया पाल के साथ-साथ प्रयागराज के नैनी क्षेत्र की निवासी पूजा बिंद को भी ओबीसी मोर्चा में प्रदेश मंत्री का दायित्व सौंपा गया है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य एवं प्रयागराज निवासी अनीता सिंह को भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश टीम में प्रदेश महामंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद की कमान सौंपी गई है।

माफिया के खिलाफ न्याय की लड़ाई से बनीं सशक्त पहचान

जया पाल का नाम उत्तर प्रदेश की राजनीति और जनमानस के लिए अपरिचित नहीं है। वह 24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में दिनदहाड़े हुए उमेश पाल हत्याकांड की मुख्य पीड़ित और न्याय की लड़ाई की मुखर आवाज रही हैं। गौरतलब है कि उस रोज अधिवक्ता उमेश पाल और उनकी सुरक्षा में तैनात दो पुलिस गनर—संदीप निषाद और राघवेंद्र सिंह की बम और गोलियों से नृशंस हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड का आरोप कुख्यात माफिया अतीक अहमद, उसके भाई अशरफ और उनके शूटरों पर लगा था। घटना के कुछ ही सप्ताह बाद, 15 अप्रैल 2023 को पुलिस हिरासत में मेडिकल जांच के दौरान अतीक और अशरफ की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस पूरे खौफनाक दौर में माफिया तंत्र के आगे बिना झुके डटकर खड़ी रहने वाली जया पाल ने खुद को एक दृढ़ और जुझारू महिला के रूप में स्थापित किया।

2027 चुनाव और ‘शहर पश्चिमी’ सीट: भाजपा की सोची-समझी सियासी बिसात

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जया पाल को प्रदेश स्तर की कार्यकारिणी में शामिल करना केवल भावनात्मक या सहानुभूति का फैसला नहीं, बल्कि वर्ष 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर तैयार की गई एक सोची-समझी रणनीति है। प्रयागराज के राजनीतिक गलियारों में इस बात की तेज चर्चा है कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में जया पाल को प्रयागराज की प्रतिष्ठापूर्ण ‘शहर पश्चिमी’ सीट से चुनावी मैदान में उतार सकती है। उल्लेखनीय है कि यह वही विधानसभा क्षेत्र है जिसे कभी माफिया अतीक अहमद का राजनीतिक गढ़ माना जाता था और यहीं पर उमेश पाल की हत्या की गई थी। ऐसे में जया पाल की राजनीतिक सक्रियता इस सीट पर नए सियासी समीकरण तय कर सकती है।

 

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